राम मंदिर कर्मचारी के घर से मिला सोना, निर्माण प्रभारी का भतीजा भी जांच के घेरे में
अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित चोरी और अनियमितता मामले में एक कर्मचारी के घर से सोना बरामद होने की खबर सामने आई है। जांच एजेंसियों ने मंदिर निर्माण प्रभारी के भतीजे को भी रडार पर लिया है। संदिग्ध यात्रा और लेन-देन की जांच जारी है।
रोहित शर्मा
संपादक

अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कथित चढ़ावा अनियमितता प्रकरण में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट और सुरक्षा अधिकारियों की एक टीम ने हाल ही में ट्रस्ट कर्मचारी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के आवास पर गोपनीय जांच की, जहां से सोना बरामद होने की बात सामने आ रही है। हालांकि बरामद सोने की मात्रा और कीमत को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
जानकार सूत्रों का दावा है कि टिन्नू ट्रस्ट के महत्वपूर्ण कार्यों से जुड़े रहे हैं और सुरक्षा व्यवस्था से लेकर श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चढ़ावे को बैंक तक पहुंचाने जैसी जिम्मेदारियों का संचालन करते थे। इसी कारण जांच एजेंसियां उनके वित्तीय और संपत्ति संबंधी रिकॉर्ड की भी पड़ताल कर रही हैं।
मामले में मंदिर निर्माण कार्य से जुड़े प्रभारी गोपाल राव के रिश्तेदार सोमेश आनंद का नाम भी चर्चा में है। बताया जा रहा है कि पिछले एक वर्ष में उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों की दर्जनों यात्राएं की हैं। जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि वे कई बार भारी सामान के साथ ट्रेन से यात्रा करते थे, जबकि वापसी में हवाई मार्ग का उपयोग करते थे। जांच एजेंसियां इन यात्राओं के उद्देश्य और उनसे जुड़े लेन-देन की जानकारी जुटा रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक, टिन्नू यादव से जुड़ी अयोध्या और लखनऊ में करोड़ों रुपये मूल्य की चल-अचल संपत्तियों की जानकारी भी सामने आई है। उनके एक हॉस्टल और अन्य निवेशों को लेकर भी जांच की जा रही है। वर्तमान में उनसे मंदिर परिसर स्थित सुविधा केंद्र में पूछताछ जारी बताई जा रही है।
जांच की आंच मंदिर में चढ़ने वाले सोने-चांदी के आभूषणों के प्रबंधन से जुड़े कर्मचारियों तक भी पहुंची है। दान में मिलने वाले गहनों के रिकॉर्ड और उनके संरक्षण की प्रक्रिया की समीक्षा की जा रही है। इसी क्रम में कुछ कर्मचारियों के आवासों पर भी जांच टीम पहुंची है।
सूत्रों का दावा है कि पिछले कुछ वर्षों में मंदिर परिसर से जुड़े कुछ व्यक्तियों की आर्थिक स्थिति में असामान्य बदलाव देखने को मिला है। ऐसे कई कर्मचारियों और सहयोगियों के वित्तीय लेन-देन, संपत्ति और आय के स्रोतों की जांच की जा रही है।
इस बीच दो वर्ष पहले रामलला और उनके तीनों भाइयों के लिए उपयोग किए जाने वाले सोने के मुकुटों के गायब होने का मामला भी फिर चर्चा में आ गया है। उस समय कई महीनों बाद ये मुकुट मंदिर परिसर के भीतर ही एक अलमारी से बरामद किए गए थे।
फिलहाल ट्रस्ट और पुलिस की ओर से मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों और बरामदगी से जुड़े तथ्यों की स्पष्ट तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।
संपादक
रोहित शर्मादो दशक से अधिक का अनुभव। संसद और राज्य की राजनीति पर पैनी नज़र रखने वाले वरिष्ठ पत्रकार।
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!