राजस्थान में एमपी पुलिस की NDPS कार्रवाई पर बड़ा सवाल, दो थाना प्रभारियों समेत 100 लोगों पर FIR दर्ज
झालावाड़ के डग थाना क्षेत्र में जनवरी 2026 की NDPS कार्रवाई को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। चौमहला कोर्ट के आदेश पर मध्य प्रदेश के दो थाना प्रभारियों सहित करीब 100 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। जांच में कार्रवाई की वीडियोग्राफी, जब्ती प्रक्रिया और राजस्थान पुलिस की सहभागिता को लेकर कई गंभीर सवाल उठे हैं। मामले की जांच जारी है।
नेहा वर्मा
संवाददाता

राजस्थान के झालावाड़ जिले में जनवरी 2026 में हुई एक चर्चित NDPS कार्रवाई अब कानूनी विवादों के घेरे में आ गई है। चौमहला न्यायालय के आदेश के बाद डग थाने में मध्य प्रदेश के दो थाना प्रभारियों समेत लगभग 100 ज्ञात एवं अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आगर कोतवाली थाना प्रभारी शशि उपाध्याय, बड़ौद थाना प्रभारी रूप सिंह, एसआई राखी गुर्जर, एएसआई अजय जाट सहित अन्य पुलिसकर्मियों और संबंधित लोगों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान अन्य आरोपियों की पहचान भी की जाएगी। मामला 21 जनवरी 2026 का है, जब आगर पुलिस ने फैजान नामक युवक को 330 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ गिरफ्तार करने का दावा किया था। पूछताछ में फैजान ने कथित रूप से बताया था कि वह मादक पदार्थ राजस्थान के घाटाखेड़ी गांव निवासी शाहिर खान, मुनव्वर उर्फ राजा और ताहिर से लेकर आया था। इसके बाद 28 जनवरी को तत्कालीन एसपी विनोद कुमार सिंह के नेतृत्व में 80 से अधिक पुलिसकर्मियों की टीम ने राजस्थान के डग थाना क्षेत्र स्थित घाटाखेड़ी गांव में दबिश दी थी। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ, ड्रग्स निर्माण सामग्री तथा अन्य उपकरण बरामद करने का दावा किया था। इस दौरान शाहिर खान और मुनव्वर उर्फ राजा को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि बाद में इस कार्रवाई को लेकर कई गंभीर सवाल सामने आए। जांच के दौरान जब्त किए गए सामान की स्थिति को लेकर संदेह व्यक्त किया गया। वहीं, राजस्थान पुलिस की सहभागिता के दावे पर भी सवाल उठे, क्योंकि जांच में सामने आया कि स्थानीय पुलिस को कार्रवाई की पूर्व जानकारी नहीं थी। इसके अतिरिक्त, पुलिस द्वारा ई-साक्ष्य ऐप के माध्यम से पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी किए जाने का दावा भी जांच में पुष्ट नहीं हो सका। रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण में कार्रवाई के समय और घटनाक्रम को लेकर भी विसंगतियां सामने आईं। जांच में यह भी सामने आया कि मध्य प्रदेश पुलिस के वाहन घाटाखेड़ी गांव में सीमित समय तक ही मौजूद रहे थे। ऐसे में इतने कम समय में तलाशी, गिरफ्तारी, जब्ती और NDPS अधिनियम के तहत आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं के पालन को लेकर प्रश्न खड़े हो गए हैं। फिलहाल डग थाना पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच के निष्कर्ष आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
संवाददाता
नेहा वर्माअपराध और जांच रिपोर्टिंग की विशेषज्ञ। ग्राउंड रिपोर्ट और इन्वेस्टिगेशन में महारत।
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
संबंधित खबरें
