जयपुर में पैरामेडिकल परीक्षा में नकल का बड़ा खुलासा: 5.50 लाख में 45 छात्रों को पास कराने की साजिश, कॉलेज संचालक, HOD और लेक्चरर समेत 8 गिरफ्तार
राजस्थान की राजधानी जयपुर में पैरामेडिकल परीक्षा में पैसे लेकर छात्रों को पास कराने की बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है। खोराबीसल थाना पुलिस ने दो अलग-अलग नकल गैंग का भंडाफोड़ करते हुए 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में कॉलेज संचालक, HOD, लेक्चरर और अन्य लोग शामिल हैं। पुलिस के अनुसार 45 छात्रों को 5.50 लाख रुपये लेकर परीक्षा में पास कराने की तैयारी की जा रही थी।

मुश्ताक अहमद खान
Editor in chief

राजस्थान की राजधानी जयपुर में पैरामेडिकल परीक्षा को लेकर एक बड़े नकल रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। खोराबीसल थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ऐसे हाईप्रोफाइल गिरोह का खुलासा किया है, जो मोटी रकम लेकर छात्रों को परीक्षा में पास कराने का दावा करता था। पुलिस ने इस मामले में दो अलग-अलग गैंग का भंडाफोड़ करते हुए कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क में शिक्षा जगत से जुड़े कई जिम्मेदार लोग भी शामिल थे। गिरफ्तार आरोपियों में कॉलेज संचालक, विभागाध्यक्ष (HOD), लेक्चरर और अन्य सहयोगी शामिल हैं। इस खुलासे ने परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

दो अलग-अलग गैंग कर रही थीं काम पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले में दो संगठित गिरोह सक्रिय थे। एक गैंग का संचालन मामा-भांजे की जोड़ी कर रही थी, जबकि दूसरी गैंग में चाचा-भतीजे की भूमिका सामने आई है। दोनों गिरोह मिलकर परीक्षा केंद्रों और कॉलेजों के माध्यम से छात्रों को पास कराने की योजना बना रहे थे।
जांच एजेंसियों का मानना है कि यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय हो सकता है और इसके तार अन्य जिलों तक भी जुड़े होने की संभावना है।
45 छात्रों को पास कराने की बनी थी योजना पुलिस जांच में पता चला कि झुंझुनूं जिले के मुकुंदगढ़ स्थित एस. करण कॉलेज के 45 प्रथम वर्ष (First Year) के छात्रों की बैक लग गई थी। इन छात्रों को हर हाल में परीक्षा में पास कराने के लिए कॉलेज प्रबंधन और गिरोह के सदस्यों ने कथित तौर पर योजना बनाई।
इसके लिए जयपुर के कालवाड़ रोड स्थित प्रभा देवी मेमोरियल पीजी कॉलेज को परीक्षा केंद्र के रूप में चुना गया, जहां पूरे नेटवर्क के जरिए नकल कराने की तैयारी की जा रही थी।

5.50 लाख रुपये में हुआ था सौदा
पुलिस के मुताबिक, 45 छात्रों को पास कराने के लिए लगभग 5 लाख 50 हजार रुपये में सौदा तय किया गया था। आरोप है कि यह राशि परीक्षा में अनुचित तरीके अपनाकर छात्रों को सफल कराने के एवज में ली जानी थी। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि रकम का लेन-देन किस माध्यम से हुआ और इस पूरे नेटवर्क में अन्य किन लोगों की भूमिका रही।
शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस मामले में कॉलेज संचालक, HOD और लेक्चरर जैसे जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों के नाम सामने आने से शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे हैं। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित संस्थानों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
इस मामले में कॉलेज संचालक, HOD और लेक्चरर जैसे जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों के नाम सामने आने से शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे हैं। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित संस्थानों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
खोराबीसल थाना पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच का दायरा बढ़ाया गया है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने पहले भी ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया है या नहीं। पुलिस अन्य संभावित आरोपियों की तलाश में भी जुटी हुई है।

Editor in chief
मुश्ताक अहमद खानटिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
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