ग्वालियर में एसएसपी से मिलने पहुंचे 4 हिस्ट्रीशीटर क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़े, बाउंड ओवर की कार्रवाई
शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ग्वालियर पुलिस लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में शुक्रवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचे चार हिस्ट्रीशीटर बदमाशों को क्राइम ब्रांच ने हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसके बाद सभी के खिलाफ बाउंड ओवर की कार्रवाई की गई और भविष्य में शांति भंग न करने की चेतावनी दी गई।

मुश्ताक अहमद खान
Editor in chief

ग्वालियर। शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ग्वालियर पुलिस लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में शुक्रवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचे चार हिस्ट्रीशीटर बदमाशों को क्राइम ब्रांच ने हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसके बाद सभी के खिलाफ बाउंड ओवर की कार्रवाई की गई और भविष्य में शांति भंग न करने की चेतावनी दी गई।
पुलिस के अनुसार गैंगस्टर विक्रम राणा अपने साथियों कपिल रावत, गजेंद्र गडरा और शैलेंद्र उर्फ शैलू गुर्जर के साथ किसी पुराने विवाद को लेकर शिकायत करने एसएसपी कार्यालय पहुंचा था। बताया जा रहा है कि चारों एक प्रभावशाली नेता की सिफारिश पर पुलिस कप्तान से मिलने आए थे।

जैसे ही चारों हिस्ट्रीशीटरों के एसएसपी कार्यालय पहुंचने की सूचना क्राइम ब्रांच को मिली, टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें मौके से हिरासत में ले लिया। इसके बाद सभी को क्राइम ब्रांच थाने ले जाकर पूछताछ की गई।
पूछताछ के दौरान पुलिस ने चारों से लिखित में यह आश्वासन लिया कि वे भविष्य में किसी भी तरह की गैंगवार, आपराधिक गतिविधि या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाली घटना में शामिल नहीं होंगे। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि दोबारा किसी भी आपराधिक गतिविधि में शामिल पाए जाने पर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करते हुए सीधे जेल भेजा जाएगा।
चारों पर दर्ज हैं 36 आपराधिक मामले
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार विक्रम राणा के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, लूट सहित 18 गंभीर मामले दर्ज हैं। गजेंद्र गडरा पर 10, कपिल रावत पर 6 और शैलू गुर्जर पर 2 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इस तरह चारों के खिलाफ कुल 36 मामले दर्ज हैं।
हाल ही में जेल से आया है बाहर
करीब 15 दिन पहले विक्रम राणा पर कार सवार बदमाशों ने जानलेवा हमला किया था, जिसका सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ था। घटना की शिकायत करने वह मुरार थाने पहुंचा था, जहां बहोड़ापुर थाने में दर्ज पुराने आर्म्स एक्ट मामले में फरार होने के कारण पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हाल ही में वह जमानत पर रिहा होकर बाहर आया है।

Editor in chief
मुश्ताक अहमद खानटिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
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