ग्वालियर में रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ी गई महिला पटवारी, लोकायुक्त ने ट्रैप कर किया गिरफ्तार
ग्वालियर में लोकायुक्त पुलिस ने तहसील तानसेन क्षेत्र की महिला पटवारी रेखा शाक्य को जमीन के सीमांकन और नामांतरण के बदले रिश्वत लेने के आरोप में रंगे हाथ गिरफ्तार किया। शिकायत के सत्यापन के बाद ट्रैप कार्रवाई में आरोपी को 5 हजार रुपये की दूसरी किस्त लेते हुए पकड़ा गया। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।

मुश्ताक अहमद खान
Editor in chief

ग्वालियर में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई
ग्वालियर में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने शुक्रवार शाम बड़ी कार्रवाई करते हुए तहसील तानसेन के हल्का गूंधारा में पदस्थ महिला पटवारी रेखा शाक्य को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि पटवारी जमीन के सीमांकन और नामांतरण (दाखिल-खारिज) की प्रक्रिया पूरी करने के बदले एक किसान से 15 हजार रुपये की रिश्वत मांग रही थी। फिलहाल आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
किसान की शिकायत पर हुई जांच
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक निरंजन शर्मा के अनुसार, मुरार के सिरसौद निवासी मंशाराम ने 16 जून 2026 को लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि ग्राम गूंधारा स्थित उसकी बहन की जमीन का सीमांकन और पत्नी सावित्रीबाई के नाम नामांतरण कराया जाना था। इस काम के लिए संबंधित पटवारी लगातार टालमटोल कर रही थी और बदले में 15 हजार रुपये की रिश्वत मांग रही थी।
शिकायत सही मिलने पर बिछाया गया जाल
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने मामले का सत्यापन कराया। जांच के दौरान पटवारी ने शिकायतकर्ता से एडवांस के रूप में 3,500 रुपये ले लिए। बातचीत की रिकॉर्डिंग और जांच में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद लोकायुक्त ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई।
दूसरी किस्त लेते ही दबोची गई आरोपी
शुक्रवार को तय योजना के अनुसार मुरार क्षेत्र में पूनम माथुर के मकान की तीसरी मंजिल पर ट्रैप लगाया गया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने पटवारी को रिश्वत की दूसरी किस्त के रूप में 5,000 रुपये दिए, पहले से सादे कपड़ों में मौजूद लोकायुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे मौके पर ही पकड़ लिया।
केमिकल जांच में भी हुई पुष्टि
केमिकल जांच में भी हुई पुष्टि कार्रवाई के दौरान आरोपी के हाथों को रासायनिक घोल से धुलवाया गया, जिसमें हाथों का रंग गुलाबी हो गया। इसे रिश्वत की रकम छूने का वैज्ञानिक प्रमाण माना जाता है। इसके बाद लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही संबंधित विभाग को भी आरोपी पटवारी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है।

Editor in chief
मुश्ताक अहमद खानटिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!