शिवपुरी: सुंदरकांड का प्रसाद खाना पड़ा भारी, बासी खीर से 56 लोग फूड पॉइजनिंग के शिकार
Shivpuri food poisoning outbreak after eating stale prasad during Sundarkand event. शिवपुरी के सतनवाड़ाकलां गांव में सुंदरकांड के भंडारे में बची बासी खीर खाना ग्रामीणों को भारी पड़ गया। एक महिला की हालत गंभीर होने पर उसे ग्वालियर रेफर किया गया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के सतनवाड़ाकलां गांव में एक धार्मिक आयोजन के बाद फूड पॉइजनिंग का गंभीर मामला सामने आया है। यहां सुंदरकांड पाठ के दौरान बांटे गए प्रसाद को अगले दिन खाने से 56 ग्रामीण अचानक बीमार हो गए। प्रभावित लोगों में उल्टी, दस्त, पेट दर्द और चक्कर आने जैसी शिकायतें देखी गईं, जिसके बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
धार्मिक आयोजन के बाद बिगड़ी स्थिति
मिली जानकारी के अनुसार, गांव के बाग वाले हनुमान मंदिर पर शनिवार की शाम सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें मालपुआ और खीर का प्रसाद वितरित किया गया। बताया जा रहा है कि भंडारे के बाद काफी मात्रा में खीर बच गई थी, जिसे कुछ ग्रामीणों ने रविवार को भी सेवन कर लिया। बासी खीर खाने के कुछ ही घंटों के भीतर ग्रामीणों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होने लगीं।
अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, फूड पॉइजनिंग से कुल 56 लोग प्रभावित हुए हैं, जिनमें 21 पुरुष और 35 महिलाएं शामिल हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
अस्पतालों में इलाज और रेफरल
सतनवाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 40 मरीजों को भर्ती कराया गया, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। वहीं, अन्य मरीजों को बेहतर इलाज के लिए शिवपुरी मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट किया गया। इनमें से एक महिला की हालत गंभीर होने के कारण उसे ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल रेफर किया गया है, जहां उसका उपचार चल रहा है।
स्थानीय थाना प्रभारी भोलाराम पुरोहित ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि बासी खीर खराब हो गई थी और उसमें फंगस पनप गई थी। इसी दूषित भोजन के सेवन से ग्रामीणों की तबीयत बिगड़ी है। हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों का पता खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा।
प्रशासनिक कार्रवाई और स्वास्थ्य शिविर
घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। बीएमओ डॉ. विनय पिप्पल ने बताया कि गांव में एक विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाया गया है, ताकि प्रभावित लोगों की निगरानी की जा सके और किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। मेडिकल टीम लगातार गांव में मौजूद रहकर मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही है।
सीएमएचओ डॉ. संजय ऋषिश्वर ने पुष्टि की है कि खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मौके से खीर के नमूने एकत्र कर लिए हैं। इन नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि भोजन में किस प्रकार का संक्रमण था। फिलहाल, प्रशासन ने ग्रामीणों को बासी भोजन से परहेज करने की सलाह दी है।
इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक भोज के दौरान स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूकता की आवश्यकता को फिर से रेखांकित किया है। फिलहाल सभी मरीजों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है और प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
