करौली की बेटी प्रिया गुप्ता का कमाल: पहले ही प्रयास में NEET-PG में लहराया सफलता का परचम
करौली की प्रिया कुमारी गुप्ता ने NEET-PG 2026 परीक्षा में ऑल इंडिया 1804वीं रैंक हासिल की है। उन्होंने यह सफलता अपने पहले ही प्रयास में प्राप्त की।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

पहले प्रयास में हासिल की बड़ी उपलब्धि
राजस्थान के करौली जिले की रहने वाली प्रिया कुमारी गुप्ता ने NEET-PG 2026 परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए सफलता का परचम लहराया है। प्रिया ने इस कठिन परीक्षा में ऑल इंडिया 1804वीं रैंक प्राप्त की है। सबसे खास बात यह है कि उन्होंने यह मुकाम अपने पहले ही प्रयास में हासिल किया है, जिससे उनके परिवार और पूरे जिले में हर्ष का माहौल है।
प्रिया की इस उपलब्धि को उनकी कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प का परिणाम माना जा रहा है। परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद से ही उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। उनकी सफलता ने न केवल उनके माता-पिता का मान बढ़ाया है, बल्कि क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी है।
मेधावी रही हैं प्रिया, स्कूल के दिनों से ही था पढ़ाई में रुझान
प्रिया की शैक्षणिक पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो वह बचपन से ही पढ़ाई में काफी मेधावी रही हैं। साल 2018 में उन्होंने करौली के दाखा देवी आदर्श विद्यालय से अपनी 10वीं की बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण की थी। उस समय उन्होंने 97 प्रतिशत अंक हासिल कर पूरे जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया था। उनकी यह शैक्षणिक निरंतरता ही आज उनकी बड़ी सफलता का आधार बनी है।
प्रिया के पिता शिवकुमार गुप्ता एक वरिष्ठ अध्यापक हैं और उनकी माता ऊषा कुमारी हैं। परिवार का कहना है कि प्रिया ने अपनी तैयारी के दौरान बेहद अनुशासित दिनचर्या का पालन किया। उन्होंने अपनी पढ़ाई को लेकर कभी भी ढिलाई नहीं बरती और अपने लक्ष्य के प्रति पूरी तरह समर्पित रहीं।
नियमित अध्ययन और निरंतर अभ्यास का मंत्र
अपनी सफलता के सूत्र के बारे में बात करते हुए प्रिया के परिजनों ने बताया कि उन्होंने कोचिंग और सेल्फ स्टडी के बीच बेहतरीन संतुलन बनाया। उन्होंने नियमित अध्ययन और निरंतर अभ्यास को अपनी सफलता की कुंजी बताया है। कठिन विषयों को समझने के लिए उन्होंने बार-बार अभ्यास किया, जिससे परीक्षा के दौरान उनका आत्मविश्वास बना रहा।
NEET-PG जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करना किसी भी विद्यार्थी के लिए एक बड़ी चुनौती होती है, लेकिन प्रिया ने इसे अपने पहले ही प्रयास में पार कर यह साबित कर दिया कि सही दिशा में की गई मेहनत कभी बेकार नहीं जाती। उनकी इस उपलब्धि से करौली के शिक्षा जगत में भी गर्व की लहर है।
प्रिया की सफलता न केवल उनके व्यक्तिगत करियर के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है, बल्कि यह उन छात्रों के लिए भी एक उदाहरण है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। उनकी कहानी यह दर्शाती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत करने की इच्छाशक्ति हो, तो किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है।
आने वाले समय में प्रिया का लक्ष्य चिकित्सा के क्षेत्र में बेहतर सेवाएं देना है। उनकी इस उपलब्धि पर स्थानीय लोगों और शिक्षकों ने उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं। प्रिया का कहना है कि वे अपनी आगे की पढ़ाई और करियर को लेकर पूरी तरह केंद्रित हैं।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!