कानपुर देहात: मासूम हत्याकांड की जांच से लौट रहे एएसपी की कार बंबे में गिरी, बाल-बाल बची जान
Kanpur Dehat ASP Alok Prasad car accident during murder case investigation. कानपुर देहात में सोमवार रात एक बड़ा हादसा टल गया। सिकंदरा थाना क्षेत्र में मासूम हत्याकांड की जांच से लौट रहे अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) आलोक प्रसाद की सरकारी कार औडेरी बंबा पुलिया पर अनियंत्रित होकर बंबा में जा गिरी।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

कानपुर देहात जिले में सोमवार रात एक गंभीर सड़क हादसा सामने आया है। सिकंदरा थाना क्षेत्र में एक मासूम की हत्या और दुष्कर्म के मामले की जांच पूरी कर वापस लौट रहे अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) आलोक प्रसाद की सरकारी गाड़ी अनियंत्रित होकर बंबे (नहर) में जा गिरी। इस हादसे के समय क्षेत्र में तेज बारिश हो रही थी, जिससे दृश्यता कम होने के कारण चालक मोड़ का अंदाजा नहीं लगा पाया।
पानी में डूबी गाड़ी, सूझबूझ से बची जान
घटना के वक्त कार में एएसपी आलोक प्रसाद के साथ उनका चालक और एक हेड कांस्टेबल सवार थे। औडेरी बंबा पुलिया के पास गाड़ी अनियंत्रित होकर सीधे करीब पांच फीट गहरे पानी में जा गिरी। कार का अधिकांश हिस्सा पानी में डूब जाने के कारण दरवाजे लॉक हो गए थे। एएसपी ने विपरीत परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखा और सूझबूझ दिखाते हुए कार का पिछला दरवाजा खोला, जिससे तीनों लोग बाहर निकलकर कार की छत पर सुरक्षित पहुंच सके।
हादसे के बाद करीब एक घंटे तक एएसपी और उनके सुरक्षाकर्मी पानी के बीच फंसे रहे। कार में तेजी से पानी भर रहा था, जिससे स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई थी। मदद के लिए तुरंत स्थानीय थाना पुलिस को सूचित किया गया। मौके पर पहुंची सिकंदरा पुलिस ने पास के एक पेट्रोल पंप से सीढ़ी मंगवाई और कड़ी मशक्कत के बाद एएसपी समेत तीनों को सुरक्षित बाहर निकाला।
सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद औडेरी बंबा पुलिया पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों और पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस पुलिया पर एक तीव्र 'एल-शेप' मोड़ है, लेकिन वहां न तो कोई सुरक्षा बाउंड्री वॉल बनी है और न ही कोई चेतावनी संकेतक (साइन बोर्ड) लगा है। तेज बारिश और अंधेरे के कारण चालक को मोड़ का पता नहीं चल सका, जिसका परिणाम इस दुर्घटना के रूप में सामने आया।
सर्विलांस अधिकारी प्रवीण यादव ने बताया कि मोड़ पर संकेतक का अभाव हादसे का मुख्य कारण बना। घटना के समय एएसपी की गाड़ी के पीछे एसओजी और सर्विलांस टीम की गाड़ियां भी चल रही थीं, जिन्होंने तुरंत बचाव कार्य में सहयोग किया। राहत कार्य के दौरान सीढ़ी की मदद से गाड़ी के अंदर रखे महत्वपूर्ण असलहे, लैपटॉप और अन्य सरकारी दस्तावेज भी सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए।
क्रेन की मदद से निकाली गई गाड़ी
सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद क्रेन की सहायता से डूबी हुई सरकारी गाड़ी को बंबे से बाहर निकाला गया। इस हादसे में एएसपी और उनके चालक को मामूली चोटें आई हैं, लेकिन प्राथमिक उपचार के बाद सभी सुरक्षित बताए जा रहे हैं। पुलिस प्रशासन अब इस स्थान पर सुरक्षा संकेतक लगाने की दिशा में विचार कर रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
एएसपी आलोक प्रसाद का इस क्षेत्र में दौरा एक संवेदनशील हत्याकांड की जांच के सिलसिले में था। घटना के बाद से ही स्थानीय पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था, लेकिन समय रहते बचाव कार्य शुरू होने से एक बड़ा हादसा टल गया। फिलहाल, पुलिस टीम ने राहत कार्य पूरा कर लिया है और स्थिति सामान्य है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
