नालंदा: संपत्ति विवाद में पिता की हत्या का खुलासा, 5 साल बाद बेटा गिरफ्तार
नालंदा में बेटों ने संपत्ति के लिए पिता की हत्या कर दी और फरार हो गए थे। 5 साल बाद शनिवार को एक बेटा शंकर गिरफ्तार हुआ है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

पांच साल पुराने हत्याकांड में पुलिस को मिली बड़ी सफलता
बिहार के नालंदा जिले में पांच साल पहले हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा किया है। तेलमर थाना क्षेत्र के पाकड़ पंचायत स्थित भोजपुर गांव में मुनेश्वर महतो की हत्या के मामले में पुलिस ने उनके बेटे शंकर को गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और अपनी पहचान छिपाकर हैदराबाद में रह रहा था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि मुनेश्वर महतो ने अपनी तीन कट्ठा जमीन बेचकर करीब 23 लाख रुपये प्राप्त किए थे। आरोप है कि उन्होंने यह पूरी रकम अपनी बहू पर खर्च कर दी थी। इसी बात को लेकर पिता और बेटों के बीच विवाद गहरा गया था। बेटों को डर था कि पिता अपनी पूरी संपत्ति इसी तरह लुटा देंगे, जिसके बाद उन्होंने पिता को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
जमीन बेचने और अवैध संबंधों का विवाद
घटनाक्रम के अनुसार, मुनेश्वर महतो का अपनी बहू के साथ कथित अवैध संबंध था, जिसे लेकर परिवार में काफी तनाव था। हत्या से कुछ समय पहले मुनेश्वर अपने बेटे ललन के ससुराल गए थे, जहां ललन के साले के साथ उनका झगड़ा हुआ था। गांव लौटने के बाद उन्होंने अपने बेटों को संपत्ति से बेदखल करने की धमकी दी थी, जिसके बाद ही उन्होंने जमीन बेचकर पैसे खर्च करने का फैसला किया।
पुलिस के अनुसार, 9 जुलाई 2021 को मुनेश्वर महतो की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में शंकर और ललन मुख्य संदिग्ध थे। शंकर घटना के बाद से ही फरार था और हाल ही में शराब के एक मामले में हैदराबाद में पकड़ा गया था। पुलिस ने वहां से उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
परिजनों के दावे और पुलिस का पक्ष
दूसरी ओर, मृतक की पत्नी कौशल्या देवी ने बेटे की गिरफ्तारी को गलत बताया है। उनका आरोप है कि पुलिस ने दबाव में आकर उनके बेटे से जबरन बयान लिया है। कौशल्या देवी का दावा है कि उनके पति की हत्या समधी गणेश महतो और उनके बेटों ने की थी। उन्होंने घटना के समय उनके खिलाफ नामजद प्राथमिकी भी दर्ज कराई थी।
कौशल्या देवी का आरोप है कि संपत्ति के लालच में गणेश महतो ने ही उनके पति की हत्या करवाई और अब मामले को मोड़ने के लिए उनके बेटों को फंसाया जा रहा है। उनका कहना है कि हत्या के बाद हमलावर शव को ठिकाने लगाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन ग्रामीणों के जुटने के कारण वे शव छोड़कर भाग गए थे।
वहीं, पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान गणेश महतो के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं, जबकि गिरफ्तार बेटे शंकर के खिलाफ वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद हैं। पुलिस अब इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है और जल्द ही पूरे मामले का पटाक्षेप करने का दावा कर रही है।
आगे की कार्रवाई
थानाध्यक्ष चंद्रशेखर कुमार ने बताया कि आरोपी शंकर को कोर्ट के बाहर से गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में उसने हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। पुलिस अब इस हत्याकांड में शामिल दूसरे बेटे ललन और अन्य संभावित सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए विभिन्न ठिकानों पर दबिश दे रही है। इस गिरफ्तारी से पांच साल से ठंडे बस्ते में पड़ी फाइल फिर से खुल गई है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!