पंचकूला में साइबर ठगी का नया तरीका: बिना OTP और लिंक के महिला के खाते से उड़े 4.86 लाख रुपये
साइबर ठगों ने अब बिना OTP और बिना किसी लिंक पर क्लिक किए सीधे बैंक खाते खाली करने का नया और खतरनाक तरीका निकाल लिया है। पंचकूला में रहने वाली एक छात्रा की मां के दो अलग-अलग बैंक खातों से शातिर ठगों ने बिना कोई जानकारी मांगे ₹4.86 लाख उड़ा दिए।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

पंचकूला में साइबर ठगी का हैरान करने वाला मामला
हरियाणा के पंचकूला में साइबर अपराधियों ने ठगी का एक बेहद खतरनाक और नया तरीका अपनाया है। सेक्टर-20 की जीएच-93 सोसाइटी में रहने वाली एक छात्रा की मां के बैंक खातों से शातिर ठगों ने कुल 4.86 लाख रुपये की राशि गायब कर दी। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरी वारदात के दौरान न तो कोई ओटीपी (OTP) आया और न ही पीड़िता ने किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक किया था।
पीड़िता अरचिका ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि घटना शाम के समय हुई, जब वह अपने माता-पिता के साथ घर पर मौजूद थी। अचानक उनकी मां कीर्ति गर्ग के मोबाइल फोन पर बैंक से पैसे कटने के संदेश आने लगे। देखते ही देखते दो अलग-अलग बैंक खातों से बड़ी रकम निकाल ली गई, जबकि पीड़िता की मां ने किसी भी प्रकार का डिजिटल लेनदेन या यूपीआई (UPI) का उपयोग नहीं किया था।
बिना किसी जानकारी साझा किए कैसे खाली हुआ खाता?
इस मामले ने सुरक्षा एजेंसियों और आम नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। पीड़िता का कहना है कि उनकी मां न तो गूगल-पे या फोन-पे जैसे डिजिटल वॉलेट का इस्तेमाल करती हैं और न ही उन्होंने किसी अनजान व्यक्ति से फोन पर बात की थी। वारदात के समय न तो कोई ओटीपी साझा किया गया और न ही कोई संदिग्ध गतिविधि की गई। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि ठगों ने किसी उन्नत तकनीक का उपयोग करके बैकएंड से मोबाइल या बैंकिंग एक्सेस को हैक किया है।
साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि सिम क्लोनिंग या रिमोट एक्सेस एप्लिकेशन के जरिए इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया जा सकता है। बिना किसी मानवीय चूक के खाते से पैसे निकलना इस बात का संकेत है कि अपराधी अब बैंकिंग सुरक्षा प्रणालियों में सेंध लगाने के लिए अधिक परिष्कृत तरीकों का उपयोग कर रहे हैं।
पुलिस की जांच और आगामी कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पंचकूला के सेक्टर-20 स्थित साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। उप-निरीक्षक (SI) प्रदीप कुमार ने बताया कि पीड़िता के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब उन ट्रांजैक्शन आईडी को ट्रैक कर रही है जिनके जरिए पैसे निकाले गए हैं।
जांच टीम संबंधित बैंकों से संपर्क कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पैसा किस खाते में ट्रांसफर हुआ है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य अब आरोपी की लोकेशन ट्रेस करना और उन खातों को फ्रीज करना है जिनमें यह राशि गई है। पुलिस ने आम जनता को भी सतर्क रहने की सलाह दी है और किसी भी प्रकार की असामान्य गतिविधि दिखने पर तुरंत बैंक और साइबर सेल को सूचित करने को कहा है।
यह घटना इस बात का प्रमाण है कि डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा के प्रति सतर्कता कितनी आवश्यक हो गई है। हालांकि पुलिस जांच कर रही है, लेकिन इस तरह की वारदातों ने लोगों के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया है कि बिना किसी गलती के भी उनकी गाढ़ी कमाई सुरक्षित नहीं है।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!