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बालसमंद के राजकीय कॉलेज को मिला अपना भवन, 11 करोड़ से अधिक की राशि मंजूर

चौधरी भजनलाल राजकीय महाविद्यालय, बालसमंद की शुरुआत 5 जुलाई 2018 को हुई थी। स्थायी भवन न होने के कारण विद्यार्थियों को पर्याप्त कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय, खेल मैदान और अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

4 अगस्त 20263 मिनट पढ़ें
बालसमंद के राजकीय कॉलेज को मिला अपना भवन, 11 करोड़ से अधिक की राशि मंजूर
मूल स्रोत

हरियाणा के हिसार जिले के बालसमंद में स्थित चौधरी भजनलाल राजकीय महाविद्यालय के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने कॉलेज के नए और स्थायी भवन के निर्माण के लिए 11 करोड़ 3 लाख 56 हजार रुपये की प्रशासनिक मंजूरी प्रदान कर दी है। इस निर्णय के साथ ही पिछले आठ वर्षों से एक छोटे से प्राथमिक विद्यालय के परिसर में चल रहे इस कॉलेज को अपना स्वयं का भवन मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

प्राथमिक स्कूल में सिमटी थी उच्च शिक्षा

इस महाविद्यालय की शुरुआत 5 जुलाई 2018 को हुई थी। स्थापना के समय से ही यह कॉलेज गांव के सरकारी प्राथमिक विद्यालय की इमारतों में संचालित हो रहा है। उचित बुनियादी ढांचे के अभाव में विद्यार्थियों को बीते आठ वर्षों से भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। यहां न तो पर्याप्त संख्या में कक्षाएं उपलब्ध हैं और न ही प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय या खेल के मैदान जैसी मूलभूत सुविधाएं छात्रों को मिल पा रही हैं, जिससे उनकी शैक्षणिक गतिविधियों पर सीधा असर पड़ रहा है।

संसाधनों की कमी का असर पाठ्यक्रमों पर भी पड़ा है। कॉलेज के शुरुआती दौर में बीए और बीकॉम दोनों पाठ्यक्रम शुरू किए गए थे, लेकिन पर्याप्त सुविधाओं और छात्रों की घटती संख्या के कारण बीकॉम कोर्स को बंद करना पड़ा। स्थायी भवन न होने के कारण हर साल प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता रहा है।

जमीन विवाद सुलझने के बाद मिली मंजूरी

कॉलेज के लिए भवन निर्माण में सबसे बड़ी बाधा जमीन का कानूनी विवाद थी। यह मामला लंबे समय तक न्यायालय में लंबित रहा, जिसके कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। लगभग चार वर्षों के संघर्ष के बाद पंचायत ने कानूनी लड़ाई जीती और जमीन को उच्च शिक्षा विभाग के नाम हस्तांतरित कर दिया। जमीन का मालिकाना हक स्पष्ट होने के बाद अब सरकार ने बजट जारी कर निर्माण कार्य को हरी झंडी दे दी है।

प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद अब विभाग जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू करेगा। अधिकारियों के अनुसार, टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य को धरातल पर उतार दिया जाएगा, जिससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को जल्द ही एक बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलने की उम्मीद है।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा नया परिसर

नया कॉलेज भवन लगभग 7 एकड़ 6 कनाल 13 मरले भूमि पर तैयार किया जाएगा। तीन मंजिला इस आधुनिक इमारत का नक्शा पहले ही स्वीकृत किया जा चुका है। इसमें विद्यार्थियों के लिए आधुनिक कक्षाएं, सुसज्जित प्रयोगशालाएं, एक बड़ा पुस्तकालय, प्रशासनिक ब्लॉक और खेलकूद के लिए विशेष सुविधाएं शामिल होंगी। यह ढांचा न केवल कॉलेज की क्षमता बढ़ाएगा, बल्कि क्षेत्र में उच्च शिक्षा के स्तर को भी ऊपर उठाएगा।

स्थानीय निवासियों और अभिभावकों ने इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका मानना है कि स्थायी भवन बनने से बालसमंद और आसपास के गांवों के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. पंकज सोलंकी ने बताया कि ग्रांट मिलने के बाद अब निर्माण कार्य में तेजी आएगी, जिससे भविष्य में कॉलेज में छात्रों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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