पानीपत: इलाज में लापरवाही और 3 हजार के विवाद के बीच महिला की मौत, परिजनों ने किया हंगामा
पानीपत जिले के सनौली रोड स्थित वन लाइफ अस्पताल में रविवार रात करीब 10 बजे उपचार के दौरान एक महिला की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही और अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए रात को अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा किया।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

सनौली रोड स्थित अस्पताल में मचा बवाल
पानीपत के सनौली रोड स्थित वन लाइफ अस्पताल में रविवार रात उपचार के दौरान एक महिला की मौत के बाद भारी हंगामा देखने को मिला। उत्तर प्रदेश के कैराना की रहने वाली 48 वर्षीय कमलेश को बुखार की शिकायत के बाद रविवार दोपहर करीब दो बजे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन की घोर लापरवाही और पैसों के लेनदेन के विवाद के चलते महिला की जान गई है।
मृतका के बेटे सचिन ने बताया कि उनकी मां खुद ऑटो से अस्पताल पहुंची थीं, लेकिन वहां भर्ती होने के बाद उनकी स्थिति बिगड़ती चली गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि आयुष्मान कार्ड के तहत इलाज के बावजूद अस्पताल प्रशासन ने उनसे दवाओं और जांच के नाम पर करीब 28 से 29 हजार रुपये वसूल लिए, फिर भी स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हुआ।
तीन हजार रुपये के लिए रेफर करने से रोका
परिजनों का कहना है कि जब कमलेश की हालत गंभीर हुई, तो उन्होंने उन्हें दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करने का निर्णय लिया और एंबुलेंस भी बुला ली। उस समय भी अस्पताल प्रबंधन ने 12 हजार रुपये का बिल थमा दिया, जिसे मिन्नतें करने के बाद आठ हजार रुपये में निपटाया गया। इसके बाद भी जब वे मरीज को लेकर निकलने लगे, तो प्रबंधन ने चार हजार रुपये का नया बिल पेश कर दिया।
बेटों का आरोप है कि उन्होंने गुहार लगाई कि वे बिल का भुगतान बाद में कर देंगे, पहले मां को दूसरे अस्पताल ले जाने दें, लेकिन प्रबंधन तीन हजार रुपये के लिए अड़ा रहा। इसी खींचतान के बीच कमलेश की मौत हो गई। परिजनों ने यह भी दावा किया कि अंतिम समय में डॉक्टरों की जगह कंपाउंडरों से इलाज कराया गया, जिसका वीडियो भी उनके पास मौजूद है।
सड़क पर जाम और पुलिस की कार्रवाई
मौत की खबर मिलते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने रात करीब 10 बजे अस्पताल के बाहर सनौली रोड पर जाम लगा दिया। सूचना मिलते ही चांदनीबाग थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराने का प्रयास किया। परिजनों ने आरोप लगाया कि घटना के बाद अस्पताल का स्टाफ और डॉक्टर मौके से फरार हो गए हैं।
थाना प्रभारी किरण ने मौके पर पहुंचकर परिजनों से पोस्टमार्टम कराने और लिखित शिकायत देने की अपील की। हालांकि, परिजन तुरंत सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे और देर रात तक अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन करते रहे। अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस मामले में कोई भी आधिकारिक जवाब नहीं दिया गया है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा रही है। अस्पताल प्रबंधन की भूमिका और इलाज के दौरान बरती गई कथित लापरवाही अब जांच का मुख्य केंद्र बनी हुई है।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!