अलवर में लेपर्ड की दस्तक: रिहायशी इलाकों में घूमता दिखा तेंदुआ, लोगों में दहशत
अलवर शहर के लादिया और खदाना मोहल्ले में लेपर्ड (तेंदुए) की मूवमेंट से स्थानीय लोगों में भारी दहशत का माहौल है। 3 अगस्त की रात लादिया मोहल्ले में एक लेपर्ड आवारा कुत्तों का शिकार करने के लिए उनके पीछे दौड़ता नजर आया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

अलवर के रिहायशी इलाकों में तेंदुए की मौजूदगी से हड़कंप
राजस्थान के अलवर शहर में पिछले दो दिनों के भीतर तेंदुए की मौजूदगी ने स्थानीय निवासियों की नींद उड़ा दी है। शहर के लादिया और खदाना मोहल्ले में तेंदुए को घूमते हुए देखा गया है, जिससे पूरे इलाके में डर का माहौल है। विशेष रूप से रात के समय तेंदुए की सक्रियता ने लोगों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर दिया है।
घटनाक्रम की शुरुआत 3 अगस्त की रात को हुई, जब लादिया मोहल्ले में एक तेंदुआ आवारा कुत्तों का पीछा करते हुए कैमरे में कैद हुआ। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि तेंदुआ शिकार की तलाश में एक मकान की बाउंड्री वॉल पर काफी देर तक बैठा रहा। इसके बाद वह अचानक नीचे कूदकर कुत्तों के पीछे दौड़ पड़ा, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई।
वन विभाग की जांच और तेंदुए की पहचान
इससे पहले 2 अगस्त की रात को भी खदाना मोहल्ले में तेंदुए के देखे जाने की सूचना मिली थी। हालांकि, वन विभाग ने उस घटना की आधिकारिक पुष्टि नहीं की थी, लेकिन लगातार दो दिनों की घटनाओं ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय निवासी रामावतर ने बताया कि तड़के साढ़े चार बजे तेंदुए को गली में घूमते हुए देखा गया था, जिसके बाद से पूरा दिन लोग दहशत के साए में बिताने को मजबूर हैं।
वन विभाग के रेंजर शंकर सिंह ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि यह इलाका बफर जोन के जंगल के काफी करीब है, जिसके कारण अक्सर जंगली जानवर आबादी की ओर रुख कर लेते हैं। विभाग का मानना है कि दोनों स्थानों पर दिखने वाला तेंदुआ एक ही हो सकता है जो रास्ता भटककर रिहायशी इलाकों में आ गया है। वन विभाग की टीम लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रही है।
सुरक्षा के लिए गाइडलाइन जारी
तेंदुए के बढ़ते खतरे को देखते हुए वन विभाग ने आम जनता के लिए विशेष गाइडलाइन जारी की है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे रात के अंधेरे में अकेले गलियों में निकलने से बचें। इसके अलावा, शाम ढलने के बाद बच्चों को घर से बाहर न खेलने देने और पालतू जानवरों को सुरक्षित स्थानों पर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
वन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी को भी तेंदुए की मूवमेंट दिखाई दे, तो वे तुरंत विभाग या स्थानीय पुलिस को सूचित करें। फिलहाल, वनकर्मी इलाके में तेंदुए की तलाश कर रहे हैं ताकि उसे सुरक्षित वापस जंगल की ओर खदेड़ा जा सके या रेस्क्यू किया जा सके।
वन्यजीवों का आबादी की ओर आना
अलवर का यह क्षेत्र जंगल से सटा हुआ है, जिसके कारण वन्यजीवों का भोजन की तलाश में आबादी की तरफ आना कोई नई बात नहीं है। अक्सर आवारा कुत्तों और मवेशियों की मौजूदगी इन जंगली जानवरों को अपनी ओर आकर्षित करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि शहरीकरण और जंगल के दायरे में कमी के कारण ऐसे संघर्षों में वृद्धि देखी जा रही है।
फिलहाल, स्थानीय प्रशासन और वन विभाग की टीमें पूरी तरह सतर्क हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि वे घबराएं नहीं और सावधानी बरतें। तेंदुए के पकड़े जाने तक इलाके में गश्त बढ़ाई गई है ताकि किसी भी अनहोनी को टाला जा सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!