पूर्णिया में जनप्रतिनिधियों के बीच सड़क पर हाई-प्रोफाइल हंगामा, 9 लोगों पर नोटिस जारी
पूर्णिया में शहर के बीच सड़क पर हुए हाई प्रोफाइल हंगामे के बाद अब मामला गंभीर होता जा रहा है। इस मामले में SDM कोर्ट से नोटिस जारी हुआ है और 9 लोगों पर बीएनएस की धारा 126 और 135 के तहत केस दर्ज किया गया है।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

पूर्णिया में सड़क पर भिड़े जनप्रतिनिधि, प्रशासन सख्त
बिहार के पूर्णिया जिले में जनप्रतिनिधियों के बीच सड़क पर हुए हाई-प्रोफाइल हंगामे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए 9 नामजद लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। सदर अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) की अदालत से इन सभी को नोटिस जारी किया गया है, जिसके बाद इलाके की राजनीति गरमा गई है।
घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वर्तमान और पूर्व जनप्रतिनिधि अपने समर्थकों के साथ सड़क पर बहस करते और एक-दूसरे को धमकियां देते नजर आ रहे हैं। इस मामले में के.हाट थाना पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) की धारा 126 और 135 के तहत मामला दर्ज किया है।
5-5 लाख रुपये का बॉन्ड भरने का निर्देश
के.हाट थाना प्रभारी रंजन कुमार ठाकुर ने बताया कि चिन्हित किए गए सभी 9 लोगों को शनिवार सुबह 10 बजे तक थाने में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। इन सभी को शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 5-5 लाख रुपये का मुचलका (बॉन्ड) भरना होगा। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय पर ये लोग उपस्थित नहीं होते हैं, तो उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस प्रशासन केवल नामजद लोगों तक ही सीमित नहीं है। वायरल वीडियो की गहन जांच की जा रही है और घटना के समय वहां मौजूद अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है। पहचान सुनिश्चित होते ही उन्हें भी नोटिस जारी कर कानूनी प्रक्रिया के दायरे में लाया जाएगा।
क्या है पूरा विवाद और वायरल वीडियो का सच
बुधवार देर रात हुए इस हंगामे में कसबा के विधायक नितेश सिंह, जिला परिषद उपाध्यक्ष नीरज सिंह उर्फ छोटू सिंह और पूर्व मेयर के पति प्रताप सिंह का नाम सामने आया है। वीडियो में एसडीपीओ-1 अभिनव पराशर भी मौके पर मौजूद दिख रहे हैं, जो स्थिति को नियंत्रित करने और झगड़ा शांत कराने का प्रयास कर रहे हैं।
पूर्व मेयर पति प्रताप सिंह का आरोप है कि विधायक और जिला परिषद उपाध्यक्ष अपने दर्जनों समर्थकों के साथ उनके आवास पर पहुंचे और हंगामा किया। वहीं, विधायक नितेश सिंह ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे अपनी छवि खराब करने की साजिश करार दिया है। उनका कहना है कि वे जनसेवा के लिए प्रतिबद्ध हैं और गलत के आगे नहीं झुकेंगे।
इस विवाद में कांग्रेस के सदर विधायक प्रत्याशी रहे जितेंद्र यादव का नाम भी बार-बार लिया जा रहा है। हालांकि, जितेंद्र यादव ने स्पष्ट किया है कि वे उस समय घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे, वहां केवल उनके कुछ समर्थक थे।
कानूनी धाराओं का महत्व
प्रशासन द्वारा लगाई गई BNS की धारा 126 और 135 का उद्देश्य सार्वजनिक शांति व्यवस्था को बनाए रखना है। धारा 126 के तहत मजिस्ट्रेट को यदि यह आशंका हो कि कोई व्यक्ति शांति भंग कर सकता है, तो वह निवारक कार्रवाई के तहत बॉन्ड भरवा सकता है। वहीं, धारा 135 के तहत संबंधित व्यक्ति को मजिस्ट्रेट के समक्ष अपना पक्ष रखने का प्रावधान है। इस कार्रवाई का मुख्य लक्ष्य भविष्य में किसी भी संभावित विवाद को घटना घटने से पहले ही रोकना है।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!