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भोपाल में विसर्जन मार्गों की बदहाली: गड्ढों और बारिश ने बढ़ाई प्रशासन की चिंता

मुश्ताक अहमद खान

मुश्ताक अहमद खान

Editor In Chief

18 सितंबर 20263 मिनट पढ़ें
भोपाल में विसर्जन मार्गों की बदहाली: गड्ढों और बारिश ने बढ़ाई प्रशासन की चिंता
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भोपाल में आगामी 22 सितंबर से शुरू होने वाले गणेश विसर्जन और 25 सितंबर को निकलने वाली अनंत चतुर्दशी की झांकियों के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। हालांकि, शहर की सड़कों की वर्तमान स्थिति विसर्जन यात्रा के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। पीडब्ल्यूडी विभाग ने सड़कों के रखरखाव के लिए 30 सितंबर की समय सीमा तय की है, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण मरम्मत कार्य में बाधा आ रही है।

मरम्मत कार्य में बारिश बनी सबसे बड़ी बाधा

पीडब्ल्यूडी के अंतर्गत आने वाली 174 किलोमीटर सड़कों के रखरखाव की जिम्मेदारी ठेकेदारों की है। वर्तमान में बड़े गड्ढों में गिट्टी और छोटे गड्ढों में कोल्ड मिक्स डालकर काम चलाया जा रहा है, लेकिन बारिश और भारी वाहनों के दबाव के कारण यह अस्थायी मरम्मत भी टिक नहीं पा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्थायी पैचवर्क के लिए हॉट मिक्स प्लांट का उपयोग आवश्यक है, जिसके लिए कम से कम एक सप्ताह तक लगातार धूप की जरूरत है, जो फिलहाल संभव नहीं हो पा रहा है।

शहर के पुराने इलाकों से लेकर नए क्षेत्रों तक सड़कों की हालत चिंताजनक है। जिंसी से मोती मस्जिद और प्रोफेसर कॉलोनी से गायत्री मंदिर तक के मार्गों पर दर्जनों बड़े गड्ढे मौजूद हैं। वहीं, भदभदा घाट की ओर जाने वाले लिंक रोड-3 और नीलबड़-सीहोर मार्ग पर भी गिट्टी उखड़ने से वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ट्रैफिक पुलिस की सख्ती और मेट्रो बैरिकेडिंग

विसर्जन मार्ग पर सुरक्षा और सुगम यातायात सुनिश्चित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया है। प्रेमपुरा घाट के पास मेट्रो निर्माण कार्य के कारण सड़क की चौड़ाई काफी कम हो गई है। एसीपी ट्रैफिक अजय बाजपेयी ने स्वयं मौके पर पहुंचकर सड़क की चौड़ाई मापी है। बड़ी झांकियों और ट्रकों के सुचारू आवागमन के लिए कम से कम 6-6 मीटर चौड़ा रास्ता होना अनिवार्य है, जिसके लिए मेट्रो प्रशासन को बैरिकेड्स पीछे हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

बैरागढ़ स्थित विसर्जन घाट के पहुंच मार्ग पर भी स्थिति चुनौतीपूर्ण है। गुरुवार को हुई बारिश के बाद वहां कीचड़ और जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई है, जिससे विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। प्रशासन अब इन रास्तों को जल्द से जल्द दुरुस्त करने के लिए वैकल्पिक उपायों पर विचार कर रहा है।

प्रशासन की आगामी रणनीति

पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर एससी वर्मा ने स्पष्ट किया है कि सड़कों का मेंटेनेंस कार्य जारी है और प्राथमिकता के आधार पर प्रमुख विसर्जन मार्गों के गड्ढों को भरा जा रहा है। हालांकि, मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार यदि बारिश का दौर जारी रहता है, तो तय समय सीमा के भीतर काम पूरा करना विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती साबित होगा।

आने वाले दिनों में प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम विसर्जन मार्गों का अंतिम निरीक्षण करेगी। झांकियों के आकार और ट्रकों की संख्या को देखते हुए रूट डायवर्जन की योजना भी तैयार की जा रही है ताकि विसर्जन के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति या जाम की समस्या न हो।

कुल मिलाकर, भोपाल में इस वर्ष गणेश विसर्जन के दौरान सड़कों की स्थिति एक बड़ी परीक्षा की तरह है। प्रशासन का पूरा जोर इस बात पर है कि विसर्जन के दिन तक रास्तों को सुरक्षित और चलने योग्य बनाया जा सके, ताकि श्रद्धालु बिना किसी बाधा के अपनी आस्था का पर्व मना सकें।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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