NEET पेपर लीक पर जंतर-मंतर में छात्रों का उग्र प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज
NEET पेपर लीक के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का जंतर-मंतर पर धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने किसानों और छात्रों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की, जबकि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर वे 27 जून से अनशन शुरू करेंगे।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

नई दिल्ली। NEET पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छात्रों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुरू किया गया विरोध प्रदर्शन रविवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन सोमवार को भी जारी रहेगा और जब तक उनकी प्रमुख मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वे पीछे नहीं हटेंगे।
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके अपने समर्थकों के साथ शनिवार से जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे हुए हैं। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है। उनका आरोप है कि NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है और इसके लिए जवाबदेही तय की जानी चाहिए।


दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति शनिवार शाम 5 बजे तक ही दी थी। निर्धारित समय समाप्त होने के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से धरना स्थल खाली करने का अनुरोध किया, लेकिन उन्होंने वहां से हटने से इनकार कर दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी पूरी रात जंतर-मंतर पर डटे रहे और रविवार को भी उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहा।
रविवार को अभिजीत दीपके ने कहा कि जब देश में किसान आंदोलन चल रहा था, तब छात्रों ने किसानों का खुलकर समर्थन किया था। अब समय आ गया है कि किसान भी छात्रों के भविष्य की लड़ाई में उनके साथ खड़े हों। उन्होंने देशभर के किसान संगठनों से जंतर-मंतर पहुंचकर आंदोलन को समर्थन देने की अपील की।

उन्होंने उन अभ्यर्थियों से भी आग्रह किया जो NEET की पुनर्परीक्षा में शामिल हो रहे हैं कि परीक्षा समाप्त होने के बाद आंदोलन में शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद करें। उनका कहना था कि यह केवल एक परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता का सवाल है।
इस आंदोलन को शनिवार को उस समय और बल मिला जब सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और छात्रों के समर्थन में अपनी आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि यदि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं, तो वे 27 जून से अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करेंगे। वांगचुक ने कहा कि छात्रों का भरोसा बहाल करने के लिए सरकार को ठोस और पारदर्शी कदम उठाने होंगे।
गौरतलब है कि NEET पेपर लीक को लेकर देशभर में कई छात्र संगठन और अभ्यर्थी लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए सरकार को जल्द प्रभावी कदम उठाने चाहिए।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ानटिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
संबंधित खबरें

ट्रंप से मुलाकात पर केजरीवाल का मोदी सरकार पर हमला, बोले- भारतीयों की मौत पर क्यों रहे खामोश?
