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गाजीपुर: शेखपुरा में एक दशक से जलभराव का दंश, नारकीय जीवन जीने को मजबूर ग्रामीण

गाजीपुर के सदर विकासखंड की ग्राम पंचायत रजदेपुर देहाती के शेखपुरा इलाके में पिछले लगभग 10 वर्षों से जलजमाव की गंभीर समस्या बनी हुई है। उचित जल निकासी व्यवस्था के अभाव में घरों और गलियों का पानी सड़कों पर जमा हो जाता है।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

6 अगस्त 20262 मिनट पढ़ें
गाजीपुर: शेखपुरा में एक दशक से जलभराव का दंश, नारकीय जीवन जीने को मजबूर ग्रामीण
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एक दशक से जलभराव की समस्या से जूझ रहा शेखपुरा

गाजीपुर जिले के सदर विकासखंड अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत रजदेपुर देहाती का शेखपुरा इलाका पिछले दस वर्षों से एक गंभीर समस्या का सामना कर रहा है। यहाँ जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण गलियां और सड़कें तालाब में तब्दील हो चुकी हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि लंबे समय से वे इस नारकीय स्थिति में रहने को मजबूर हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

स्थानीय निवासियों शादाब आलम, रहबान अंसारी और नईमुद्दीन अंसारी ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि इलाके का गंदा पानी पहले पास की एक गढ़ही में जाकर जमा होता था। समय के साथ इस गढ़ही में कूड़ा-करकट और मलबा जमा होने से यह पूरी तरह से पट गई है। इसके अलावा, गढ़ही में उगी झाड़ियों और घास ने पानी के प्राकृतिक बहाव को पूरी तरह से अवरुद्ध कर दिया है, जिससे निकासी का कोई रास्ता नहीं बचा है।

अस्थायी समाधान से नहीं मिल रही राहत

इलाके में नालियों का निर्माण तो किया गया है, लेकिन उनकी नियमित सफाई न होने के कारण वे कचरे से अटी पड़ी हैं। नालियों के ओवरफ्लो होने से गंदा पानी सड़कों पर फैल जाता है, जिससे पूरे क्षेत्र में दुर्गंध और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। बारिश के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जिससे लोगों का घरों से निकलना दूभर हो जाता है।

ग्रामीणों ने कई बार पंप लगाकर सड़कों पर जमा पानी को निकालने का प्रयास किया है, लेकिन यह केवल एक अस्थायी समाधान साबित हुआ है। कुछ ही दिनों बाद स्थिति फिर से जस की तस हो जाती है। निवासियों का आरोप है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की है, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिला है।

धार्मिक स्थलों तक पहुंचना हुआ मुश्किल

जलभराव की समस्या का असर लोगों की दैनिक दिनचर्या पर भी पड़ रहा है। इलाके में स्थित मस्जिद तक जाने वाले रास्ते पर भी हर समय गंदा पानी जमा रहता है। नमाज अदा करने के लिए आने-जाने वाले लोगों को दूषित पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जो न केवल असुविधाजनक है बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि वे लंबे समय से इस समस्या को झेल रहे हैं, लेकिन अब उनका धैर्य जवाब दे रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस क्षेत्र के लिए एक स्थायी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें इस गंदगी और जलभराव से मुक्ति मिल सके।

प्रशासनिक उदासीनता पर उठ रहे सवाल

एक दशक का लंबा समय बीत जाने के बाद भी समस्या का समाधान न होना स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि समय रहते नालियों की सफाई और गढ़ही के जीर्णोद्धार का कार्य किया गया होता, तो आज यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। फिलहाल, शेखपुरा के लोग अब भी एक स्थायी समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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