नागौर: 15 बीघा जमीन के विवाद में खूनी संघर्ष, लाठी-डंडों से हमले में 4 लोग गंभीर रूप से घायल
Pali Pipliya land dispute violent clash attack news update. पाली में पीपलिया गांव में 4 अगस्त को 15 बीघा जमीनी विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। आरोप है कि एक पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष के 4 सदस्यों पर लाठी-डंडों से उनके सिर और शरीर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

जमीन विवाद ने लिया हिंसक रूप
नागौर जिले के थांवला थाना क्षेत्र अंतर्गत पीपलिया गांव में 4 अगस्त को 15 बीघा जमीन के मालिकाना हक को लेकर दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। एक ही परिवार के दो गुटों के बीच उपजा यह विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया, जिसमें लाठी-डंडों से लैस लोगों ने दूसरे पक्ष पर जानलेवा हमला कर दिया। इस घटना में चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद अजमेर के जेएलएन अस्पताल रेफर किया गया है।
घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, विवादित जमीन को लेकर लंबे समय से रंजिश चल रही थी। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि जब वे पड़ोसी के बाड़े में मौजूद थे, तभी दूसरे पक्ष के दर्जनों लोगों ने उन्हें घेर लिया और उन पर लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ वार किए। हमले में राजूराम, चेतन, कमला देवी और शेरा देवी को गंभीर चोटें आई हैं।
पीड़ित पक्ष का आरोप और जमीन का विवाद
पीड़ित पक्ष के अनुसार, यह 15 बीघा जमीन उनके दादा के नाम आवंटित थी। परिवार के सदस्यों का कहना है कि जमीन के उत्तराधिकार को लेकर विवाद चल रहा है और उन्होंने रियाबड़ी स्थित एसडीएम कोर्ट से इस मामले में स्टे भी ले रखा है। बावजूद इसके, दूसरे पक्ष द्वारा जमीन पर जबरन कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा था। इसी रंजिश के चलते मंगलवार शाम को सोहनलाल, शंकरलाल, बाबूलाल और अन्य लोगों ने मिलकर उन पर हमला किया।
पीड़ितों का आरोप है कि हमलावरों ने गला दबाने की कोशिश की और लाठी-डंडों से सिर व शरीर के अन्य संवेदनशील हिस्सों पर वार किए। बीच-बचाव करने आई महिलाओं को भी चोटें आई हैं। हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए, जिसके बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
दूसरे पक्ष का अपना तर्क
वहीं, दूसरे पक्ष के दिनेश ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका दावा है कि विवाद की शुरुआत गाली-गलौज से हुई थी। दिनेश के अनुसार, उनके पिता सोहनलाल जब खेत की ओर जा रहे थे, तब राजूराम ने उनके साथ बदसलूकी की और मारपीट की। इसके बाद मामला बढ़ता गया और दोनों पक्षों के बीच झड़प हो गई। उनका कहना है कि इस घटना में उनके पिता सोहनलाल भी घायल हुए हैं और उनका इलाज भी अजमेर में चल रहा है।
दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे हैं, जिसके कारण स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। पुलिस ने दोनों पक्षों से मेडिकल रिपोर्ट और औपचारिक शिकायत दर्ज करने को कहा है ताकि मामले की निष्पक्ष जांच की जा सके।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
थांवला थानाधिकारी उमराव ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने फिलहाल शांति भंग करने के आरोप में तीन लोगों को धारा 151 के तहत गिरफ्तार किया है। थानाधिकारी ने स्पष्ट किया कि अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से कोई ठोस लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। दोनों पक्षों को दोबारा थाने बुलाया गया है ताकि साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सके।
फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। जमीन के दस्तावेजों और कोर्ट के स्टे ऑर्डर की भी समीक्षा की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि विवाद की मुख्य जड़ क्या है और कानून को हाथ में लेने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
