ब्रेकिंग
उदयपुर: पुलिस हिरासत से चकमा देकर भागे दो नाबालिग चोर, पहाड़ियों में तलाश जारीभोपाल के कटारा हिल्स में तेंदुए की दस्तक: रिहायशी इलाकों में दहशत, पार्क में आवाजाही पर लगी रोकग्वालियर में हनीट्रैप का खौफ: ब्लैकमेलिंग से तंग आकर युवक ने की आत्महत्या, दंपति पर केस दर्जलखनऊ: लारी कार्डियोलॉजी सेंटर में हर साल 8500 से ज्यादा हार्ट अटैक मरीजों को मिल रहा नया जीवनसुपौल: अवैध लेनदेन के विवाद में युवक का अपहरण, पुलिस ने 12 घंटे के भीतर सकुशल कराया बरामदकरौली की बेटी प्रिया गुप्ता का कमाल: पहले ही प्रयास में NEET-PG में लहराया सफलता का परचमधौलपुर: पिकअप हादसे में 4 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, पोखर किनारे से हटाए गए अवैध निर्माणझांसी के कारोबारी का रहस्यमय परिस्थितियों में निधन, मध्य प्रदेश की नदी में मिला शव
उदयपुर: पुलिस हिरासत से चकमा देकर भागे दो नाबालिग चोर, पहाड़ियों में तलाश जारीभोपाल के कटारा हिल्स में तेंदुए की दस्तक: रिहायशी इलाकों में दहशत, पार्क में आवाजाही पर लगी रोकग्वालियर में हनीट्रैप का खौफ: ब्लैकमेलिंग से तंग आकर युवक ने की आत्महत्या, दंपति पर केस दर्जलखनऊ: लारी कार्डियोलॉजी सेंटर में हर साल 8500 से ज्यादा हार्ट अटैक मरीजों को मिल रहा नया जीवनसुपौल: अवैध लेनदेन के विवाद में युवक का अपहरण, पुलिस ने 12 घंटे के भीतर सकुशल कराया बरामदकरौली की बेटी प्रिया गुप्ता का कमाल: पहले ही प्रयास में NEET-PG में लहराया सफलता का परचमधौलपुर: पिकअप हादसे में 4 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, पोखर किनारे से हटाए गए अवैध निर्माणझांसी के कारोबारी का रहस्यमय परिस्थितियों में निधन, मध्य प्रदेश की नदी में मिला शव

कटनी: खदान में ट्रक की चपेट में आने से मजदूर की दर्दनाक मौत, मुआवजे की मांग को लेकर परिजनों का हंगामा

कटनी जिले की बड़वारा तहसील के छापरवाह स्थित एक खदान में गुरुवार सुबह एक मजदूर की ट्रक से कुचलकर मौत हो गई। घटना के बाद खदान परिसर में अफरा-तफरी मच गई और साथी मजदूरों व परिजनों ने मुआवजे तथा कार्रवाई की मांग को लेकर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

6 अगस्त 20262 मिनट पढ़ें
कटनी: खदान में ट्रक की चपेट में आने से मजदूर की दर्दनाक मौत, मुआवजे की मांग को लेकर परिजनों का हंगामा
मूल स्रोत

बड़वारा की खदान में हुआ हादसा

मध्य प्रदेश के कटनी जिले की बड़वारा तहसील स्थित छापरवाह खदान में गुरुवार सुबह एक हृदयविदारक हादसा सामने आया है। खदान में काम कर रहे एक मजदूर की तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद खदान परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और काम कर रहे अन्य मजदूरों ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मृतक की पहचान लमकना गांव निवासी 35 वर्षीय भारत केवट के रूप में हुई है, जो आठिया केवट के पुत्र थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भारत केवट खदान में अपने नियमित कार्य में व्यस्त थे, तभी अयस्क परिवहन में लगे एक ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। ट्रक की रफ्तार इतनी अधिक थी कि मजदूर को संभलने का मौका नहीं मिला और वे गंभीर रूप से कुचले गए।

परिजनों और मजदूर संघ का प्रदर्शन

घटना के तुरंत बाद साथी मजदूरों ने शव को ट्रक के नीचे से बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इस हादसे से आक्रोशित मृतक के परिजन और स्थानीय मजदूर संघ के सदस्य खदान परिसर में ही धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने शव को मौके पर ही रखकर प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और खदान में चल रहे कामकाज को पूरी तरह से ठप कर दिया।

प्रदर्शनकारियों ने प्रबंधन के सामने अपनी मुख्य मांगें रखी हैं। इसमें मृतक के आश्रितों को 10 लाख रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान करना और परिवार के एक सदस्य को खदान में ही स्थायी नौकरी देना शामिल है। इसके अलावा, उन्होंने खदान में सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और ट्रक चालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

प्रशासन की समझाइश और चेतावनी

मजदूर संघ के अध्यक्ष शिवेंद्र उर्फ संदीप सिंह ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें समय रहते पूरी नहीं की गईं, तो वे मुख्य मार्गों पर चक्काजाम करने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि खदान में सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिसके कारण आए दिन इस तरह के हादसे होने का डर बना रहता है।

हादसे की सूचना मिलते ही बड़वारा थाना प्रभारी के.के. पटेल भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने आक्रोशित परिजनों और मजदूर संघ के प्रतिनिधियों को समझाने का प्रयास शुरू कर दिया है। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और पुलिस प्रशासन मामले को शांत कराने और उचित मुआवजे पर सहमति बनाने की कोशिश कर रहा है।

यह घटना खदानों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रबंधन ने पहले से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए होते, तो शायद आज एक परिवार ने अपना कमाऊ सदस्य नहीं खोया होता। अब सभी की निगाहें प्रशासन के अगले कदम और प्रबंधन द्वारा दी जाने वाली राहत राशि पर टिकी हैं।

SponsoredMushfan Digital Studios - We Build Brands. We Grow Businesses.

टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

संबंधित खबरें