राम मंदिर चढ़ावा विवाद: चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने दिया इस्तीफा, 8 आरोपी गिरफ्तार
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है। मामले में अब तक 8 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि सरकार ने ट्रस्ट के पुनर्गठन के संकेत दिए हैं।
रोहित शर्मा
संपादक

अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित चोरी के मामले ने बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक मोड़ ले लिया है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के अनुसार, मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव को भी मंदिर की व्यवस्थाओं से अलग कर दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, चंपत राय मंदिर की समग्र व्यवस्था और प्रशासनिक जिम्मेदारियों का संचालन कर रहे थे। उनके साथ डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में थे। बताया जा रहा है कि अब ट्रस्ट का पुनर्गठन किया जाएगा और नई जिम्मेदारियां तय की जाएंगी।
मुख्यमंत्री योगी के दौरे के बाद बढ़ी थीं चर्चाएं
करीब एक सप्ताह पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या दौरे पर पहुंचे थे। उस दौरान चंपत राय की गैरमौजूदगी ने कई सवाल खड़े किए थे। तभी से उनके पद छोड़ने की अटकलें लगाई जा रही थीं, जो अब इस्तीफे के साथ सच साबित होती दिखाई दे रही हैं।

पहली FIR के बाद हुई बड़ी कार्रवाई
गुरुवार देर शाम ट्रस्ट सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर पहली एफआईआर दर्ज की गई। हालांकि इस एफआईआर में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा सहित ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारियों के नाम शामिल नहीं हैं। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने देर रात कार्रवाई करते हुए रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, मनीष यादव, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और रमाशंकर मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को मेडिकल परीक्षण के बाद सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया।
SIT जांच के बाद तेज हुई कार्रवाई
चढ़ावा चोरी का मामला पहली बार 7 जून को सामने आया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। SIT ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंपी, जिसके दो दिन बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी की। जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों में कुछ लोग ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों के रिश्तेदार भी हैं। पुलिस अब पूरे मामले की वित्तीय और प्रशासनिक स्तर पर गहन जांच कर रही है।

विपक्ष ने उठाए सवाल
राज्यसभा सांसद संजय राउत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर सवाल उठाते हुए पूछा कि राम मंदिर के लिए उद्धव ठाकरे द्वारा दान की गई चार किलो चांदी का क्या हुआ। उन्होंने पूरे मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की। वहीं दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रामलला के दर्शन के बाद कहा कि मंदिर की आस्था से जुड़े इस मामले में दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि दर्ज एफआईआर केवल दिखावे की कार्रवाई है और बड़े लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है।
योगी सरकार का सख्त संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आस्था के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सनातन की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वालों के खिलाफ सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कड़ी कार्रवाई करेगी।
संपादक
रोहित शर्माटिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
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