मध्य प्रदेश में प्रशासनिक फेरबदल: 190 तहसीलदार और एसएलआर बने डिप्टी कलेक्टर, पदोन्नति आदेश जारी
Indore Latest News: 190 Tehsildars & In-charge Deputy Collectors promoted to Deputy Collector. सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा आज जारी आदेश के बाद ये अधिकारी अब राजस्व विभाग के बजाय सामान्य प्रशासन विभाग के अफसर होंगे।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य प्रशासनिक सेवा में बड़े बदलाव करते हुए लंबे समय से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को पूरा कर लिया है। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने आधिकारिक आदेश जारी करते हुए राज्य के 190 तहसीलदारों, अधीक्षक भू-अभिलेख (एसएलआर) और प्रभारी डिप्टी कलेक्टरों को पदोन्नत कर डिप्टी कलेक्टर के पद पर नियुक्त किया है। इस निर्णय से प्रशासनिक ढांचे में नई ऊर्जा आने की उम्मीद है।
पदोन्नति के साथ बदली कार्यप्रणाली
जारी किए गए आदेशों के अनुसार, इन अधिकारियों को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से राज्य प्रशासनिक सेवा के कनिष्ठ श्रेणी वेतनमान में पदोन्नत माना जाएगा। फिलहाल, इन सभी अधिकारियों को उन्हीं जिलों में पदस्थ रखा गया है जहां वे वर्तमान में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अब ये अधिकारी राजस्व विभाग के बजाय सीधे सामान्य प्रशासन विभाग के अधीन कार्य करेंगे, जिससे प्रशासनिक कामकाज में स्पष्टता आएगी।
विभाग ने उन अधिकारियों को भी पदोन्नति का लाभ दिया है, जिन्होंने पूर्व में प्रभारी डिप्टी कलेक्टर या एसएलआर के रूप में कार्य करने की सहमति दी थी, लेकिन किन्हीं कारणों से उच्च पद का प्रभार ग्रहण नहीं कर पाए थे। यह कदम उन अधिकारियों के लिए राहत लेकर आया है जो लंबे समय से अपनी पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे थे।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का रहेगा असर
सामान्य प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी पदोन्नति प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट में लंबित 'प्रमोशन में आरक्षण' से जुड़े मामले के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी। कानूनी पेचीदगियों को देखते हुए सरकार ने इसे शर्त के साथ लागू किया है ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति न बने।
यह निर्णय इंदौर में आयोजित विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद लिया गया। इस बैठक में सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव एम. सेलवेंद्रन और राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव ई. रमेश कुमार ने हिस्सा लिया था। बैठक में लगभग 250 अधिकारियों के नामों पर विचार-विमर्श किया गया, जिनमें से 190 को पहले चरण में पदोन्नति के लिए योग्य पाया गया।
नायब तहसीलदारों की सूची भी जल्द
पदोन्नति का यह सिलसिला यहीं नहीं रुकेगा। राजस्व विभाग अब नायब तहसीलदारों की पदोन्नति प्रक्रिया को अंतिम रूप देने की तैयारी कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक, लगभग 200 ऐसे प्रभारी तहसीलदार जो वर्तमान में नायब तहसीलदार के पद पर कार्यरत हैं, उन्हें नियमित तहसीलदार के पद पर पदोन्नत किया जा सकता है। इन आदेशों के अगले एक-दो दिनों में जारी होने की संभावना है।
प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि इस बड़े फेरबदल से मैदानी स्तर पर काम कर रहे अधिकारियों का मनोबल बढ़ेगा। लंबे समय से पदोन्नति न मिलने के कारण प्रशासनिक कार्यों में जो सुस्ती देखी जा रही थी, उसे दूर करने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है। अब देखना यह होगा कि इन अधिकारियों की नई जिम्मेदारियों के बाद जिलों में प्रशासनिक दक्षता में कितना सुधार आता है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
