ब्रेकिंग
मध्य प्रदेश में प्रशासनिक फेरबदल: 190 तहसीलदार और एसएलआर बने डिप्टी कलेक्टर, पदोन्नति आदेश जारीराजस्थान: सरकारी स्कूलों की मरम्मत में 503 करोड़ के कथित घोटाले पर कांग्रेस हमलावर, उच्च स्तरीय जांच की मांगसिवनी में दिनदहाड़े सूने मकान को बनाया निशाना, लाखों के जेवर और नकदी पर हाथ साफकुरुक्षेत्र: पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश कर रहे बदमाश के पैर में लगी गोली, मुठभेड़ के बाद दोबारा गिरफ्तारअरवल में कुदरत का कहर: घर के आंगन में बैठी किशोरी पर गिरी आकाशीय बिजली, मौके पर ही मौतबांसवाड़ा में पुलिस का बड़ा एक्शन: 10 हजार लीटर महुआ वॉश नष्ट, 8 अवैध भट्टियां ध्वस्तहिसार: नवजात की मौत पर मानवाधिकार आयोग सख्त, हरियाणा सरकार से मांगी रिपोर्टफरीदाबाद: मायके में ज्यादा दिन रुकने पर गर्भवती विवाहिता की संदिग्ध मौत, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप
मध्य प्रदेश में प्रशासनिक फेरबदल: 190 तहसीलदार और एसएलआर बने डिप्टी कलेक्टर, पदोन्नति आदेश जारीराजस्थान: सरकारी स्कूलों की मरम्मत में 503 करोड़ के कथित घोटाले पर कांग्रेस हमलावर, उच्च स्तरीय जांच की मांगसिवनी में दिनदहाड़े सूने मकान को बनाया निशाना, लाखों के जेवर और नकदी पर हाथ साफकुरुक्षेत्र: पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश कर रहे बदमाश के पैर में लगी गोली, मुठभेड़ के बाद दोबारा गिरफ्तारअरवल में कुदरत का कहर: घर के आंगन में बैठी किशोरी पर गिरी आकाशीय बिजली, मौके पर ही मौतबांसवाड़ा में पुलिस का बड़ा एक्शन: 10 हजार लीटर महुआ वॉश नष्ट, 8 अवैध भट्टियां ध्वस्तहिसार: नवजात की मौत पर मानवाधिकार आयोग सख्त, हरियाणा सरकार से मांगी रिपोर्टफरीदाबाद: मायके में ज्यादा दिन रुकने पर गर्भवती विवाहिता की संदिग्ध मौत, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

बैतूल में साइबर अपराधों के खिलाफ जागरूकता का शंखनाद: 'सेफ क्लिक-2.0' वॉक में 500 से अधिक लोग शामिल

Betul cyber safety walk for awareness against cybercrimes. बैतूल में साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सेफ क्लिक-2.0 अभियान के तहत साइबर सेफ्टी वॉक का आयोजन किया गया।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

7 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें 449
बैतूल में साइबर अपराधों के खिलाफ जागरूकता का शंखनाद: 'सेफ क्लिक-2.0' वॉक में 500 से अधिक लोग शामिल
click here

बैतूल जिले में साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने एक विशेष जागरूकता अभियान 'सेफ क्लिक-2.0' की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत मंगलवार को एक भव्य साइबर सेफ्टी वॉक का आयोजन किया गया, जिसमें 500 से अधिक लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के तौर-तरीकों से अवगत कराना था।

डिजिटल सतर्कता का संदेश

साइबर सेफ्टी वॉक को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश खरपुसे ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में तकनीक का उपयोग जितना सरल है, उतनी ही चुनौतियां भी बढ़ गई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि साइबर सुरक्षा में बरती गई एक छोटी सी लापरवाही भी किसी व्यक्ति को बड़े आर्थिक या मानसिक नुकसान की ओर धकेल सकती है। इसलिए, हर नागरिक का सतर्क रहना अनिवार्य है।

वॉक के दौरान प्रतिभागियों ने हाथों में तख्तियां लेकर लोगों को जागरूक किया। इन तख्तियों पर 'सोचें, समझें, फिर क्लिक करें' और 'साइबर सुरक्षित रहें, साइबर अपराध से बचें' जैसे प्रभावशाली संदेश लिखे थे। यह वॉक पुलिस ग्राउंड से शुरू होकर जिला चिकित्सालय, मुल्ला पेट्रोल पंप, शिवाजी चौक और स्टेडियम मार्ग से होते हुए गुजरी, जिससे शहर के मुख्य हिस्सों में जागरूकता का संदेश फैला।

प्रतिभागियों ने ली सुरक्षा की शपथ

इस जागरूकता रैली की शुरुआत से पहले सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से साइबर सुरक्षा की शपथ ली। इस शपथ में उन्होंने संकल्प लिया कि वे न केवल स्वयं साइबर खतरों के प्रति जागरूक रहेंगे, बल्कि अपने आसपास के लोगों को भी ऑनलाइन धोखाधड़ी और संदिग्ध लिंक से बचने के लिए प्रेरित करेंगे। इस दौरान पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ सिंहस्थ-2028 प्रशिक्षणार्थी, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

कार्यक्रम में पुलिस प्रशासन की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। इस दौरान एसडीओपी अन्नपूर्णा सिरसाम, डीएसपी (अजाक) शैफा हाशमी, गंज थाना प्रभारी निरीक्षक नीरज पाल, रक्षित निरीक्षक दिनेश मार्सकोले और साइबर सेल प्रभारी उप निरीक्षक अश्विनी चौधरी सहित अन्य अधिकारी और सूबेदार नवीन सोनकर भी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर इस अभियान को सफल बनाने में योगदान दिया।

साइबर अपराध से बचाव का महत्व

बैतूल पुलिस का यह अभियान ऐसे समय में आया है जब पूरे देश में ऑनलाइन ठगी और डेटा चोरी जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं। पुलिस का मानना है कि केवल कानून के माध्यम से ही नहीं, बल्कि जन-भागीदारी से ही साइबर अपराधों पर लगाम लगाई जा सकती है। इस तरह के आयोजनों से लोगों में यह समझ विकसित होती है कि अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी साझा न करें और सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी को सुरक्षित रखें।

आने वाले समय में पुलिस प्रशासन इस तरह के और भी कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बना रहा है ताकि जिले के सुदूर क्षेत्रों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंच सके। 'सेफ क्लिक-2.0' अभियान का यह चरण न केवल एक रैली तक सीमित रहा, बल्कि इसने समाज के विभिन्न वर्गों को एक साथ लाकर डिजिटल सुरक्षा के प्रति एक सामूहिक जिम्मेदारी का भाव पैदा किया है।

SponsoredVertex Media Studios advertisement

टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

संबंधित खबरें