ब्रेकिंग
कटनी: खदान में ट्रक की चपेट में आने से मजदूर की दर्दनाक मौत, मुआवजे की मांग को लेकर परिजनों का हंगामासीवान: पांच दिन बाद पुलिस सुरक्षा में हटा कचरे का अंबार, नगर निकाय कर्मियों की हड़ताल से बेहाल था शहरनागौर: 15 बीघा जमीन के विवाद में खूनी संघर्ष, लाठी-डंडों से हमले में 4 लोग गंभीर रूप से घायलसिंगरौली: सड़क न होने से प्रसूता को 2 किलोमीटर पैदल ले जाने को मजबूर हुए परिजनपानीपत: टाटा शोरूम में बड़ी चोरी, ताला तोड़कर उड़ाए लाखों रुपये और चांदी के सिक्केइंदौर में मानसून की सुस्ती: 10 साल में सबसे कम बारिश, जलाशयों का जलस्तर घटालखनऊ नगर निगम में कल लगेगा संपूर्ण समाधान दिवस, समस्याओं के निस्तारण के लिए जुटेंगे अधिकारीजयपुर: हनीट्रैप में फंसाकर बिजनेसमैन का अपहरण, युवती समेत 5 गिरफ्तार
कटनी: खदान में ट्रक की चपेट में आने से मजदूर की दर्दनाक मौत, मुआवजे की मांग को लेकर परिजनों का हंगामासीवान: पांच दिन बाद पुलिस सुरक्षा में हटा कचरे का अंबार, नगर निकाय कर्मियों की हड़ताल से बेहाल था शहरनागौर: 15 बीघा जमीन के विवाद में खूनी संघर्ष, लाठी-डंडों से हमले में 4 लोग गंभीर रूप से घायलसिंगरौली: सड़क न होने से प्रसूता को 2 किलोमीटर पैदल ले जाने को मजबूर हुए परिजनपानीपत: टाटा शोरूम में बड़ी चोरी, ताला तोड़कर उड़ाए लाखों रुपये और चांदी के सिक्केइंदौर में मानसून की सुस्ती: 10 साल में सबसे कम बारिश, जलाशयों का जलस्तर घटालखनऊ नगर निगम में कल लगेगा संपूर्ण समाधान दिवस, समस्याओं के निस्तारण के लिए जुटेंगे अधिकारीजयपुर: हनीट्रैप में फंसाकर बिजनेसमैन का अपहरण, युवती समेत 5 गिरफ्तार

धौलपुर रियासत की अनोखी विरासत: शाही तीतर लड़ाई, पोलो और वन्यजीव प्रेम की रोचक कहानी

राजस्थान की धौलपुर रियासत कभी राजाओं और शाही मेहमानों के मनोरंजन का प्रमुख केंद्र हुआ करती थी। यहां पोलो प्रतियोगिताओं के साथ-साथ तीतरों की पारंपरिक लड़ाई का भी भव्य आयोजन होता था, जिसमें देशभर की रियासतों के राजा, राजकुमार और जागीरदार अपने प्रशिक्षित तीतरों के साथ हिस्सा लेते थे। विजेता तीतर के मालिक को राजा सम्मानित करते थे। यह परंपरा रियासत काल के बाद भी 1970 के दशक तक जारी रही, लेकिन बाद में धीरे-धीरे समाप्त हो गई। वहीं, महाराजा उदयभान सिंह के वन्यजीव प्रेम और वर्तमान राजपरिवार द्वारा तीतरों के संरक्षण की पहल आज भी इस ऐतिहासिक विरासत को जीवित रखे हुए है।

मुश्ताक अहमद खान

मुश्ताक अहमद खान

Editor in chief

22 जून 20261 मिनट पढ़ें 666
धौलपुर रियासत की अनोखी विरासत: शाही तीतर लड़ाई, पोलो और वन्यजीव प्रेम की रोचक कहानी

राजस्थान की धौलपुर रियासत अपने ऐतिहासिक महलों और शाही परंपराओं के लिए प्रसिद्ध रही है। एक समय ऐसा था जब यहां देश-विदेश के राजा, राजकुमार और विशेष मेहमान शिकार के साथ-साथ पोलो और तीतरों की पारंपरिक लड़ाई देखने और उसमें हिस्सा लेने पहुंचते थे।

केसरबाग महल के नीचे स्थित पोलो ग्राउंड में शाही पोलो मुकाबले आयोजित होते थे। वहीं दशहरे के आसपास पैलेस के सामने विशाल मैदान में तीतरों की प्रतियोगिता होती थी। इस आयोजन में विभिन्न रियासतों के तीतरबाज अपने विशेष रूप से प्रशिक्षित तीतरों को लेकर आते थे। मुकाबले में जो तीतर मैदान छोड़ देता था, उसे हार मान लिया जाता था, जबकि विजेता के मालिक को राजा सम्मान और पुरस्कार प्रदान करते थे।

धौलपुर के पुराने शहर और कालू कुत्ता वाले के नाम से प्रसिद्ध जमील टेलर के परिवार सहित कई स्थानीय तीतरबाज इस परंपरा का हिस्सा रहे। तीतरों को मजबूत बनाने के लिए उन्हें बादाम, पिस्ता और छुहारे खिलाए जाते थे तथा तगावली रोड, जेल रोड और मचकुंड जैसे इलाकों में घुमाकर प्राकृतिक आहार भी दिया जाता था।

रियासत समाप्त होने के बाद भी यह परंपरा 1970 के दशक तक जारी रही, लेकिन समय के साथ विलुप्त हो गई।

धौलपुर राजपरिवार के सदस्य शैलेंद्र सिंह राणा आज भी अपने परिसर में पक्षियों के संरक्षण का कार्य कर रहे हैं। उनके यहां तीतरों का सुरक्षित वातावरण तैयार किया गया है, जहां दुर्लभ दृश्य देखने को मिलते हैं। महाराजा उदयभान सिंह अपने वन्यजीव प्रेम के लिए भी प्रसिद्ध थे। उन्होंने वन्यजीवों के संरक्षण को बढ़ावा दिया, रामसागर वन क्षेत्र को विकसित कराया और पशु-पक्षियों के साथ उनका आत्मीय संबंध उनकी संवेदनशील सोच का प्रतीक माना जाता है।

SponsoredVertex Media Studios advertisement

टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

संबंधित खबरें