टीकमगढ़ के ऐतिहासिक राजराजेश्वरी मंदिर के कायाकल्प की तैयारी, मरम्मत के लिए जारी हुई पहली किस्त
Tikamgarh Rajrajeshwari Temple renovation first installment released. धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग ने 15 लाख 58 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं। मंदिर की मरम्मत का कार्य लोक निर्माण विभाग (PWD) करेगा।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

टीकमगढ़ के हवेली रोड पर स्थित प्राचीन मां राजराजेश्वरी मंदिर के जीर्णोद्धार का मार्ग प्रशस्त हो गया है। धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग ने मंदिर की मरम्मत और विकास कार्यों के लिए 15 लाख 58 हजार रुपए की पहली किस्त जारी कर दी है। इस राशि के मिलने से मंदिर के संरक्षण और बुनियादी ढांचे को सुधारने की कवायद तेज हो गई है।
कलेक्टर के प्रस्ताव पर मिली स्वीकृति
मंदिर के जीर्णोद्धार की प्रक्रिया जिला प्रशासन की पहल पर शुरू हुई थी। कलेक्टर विवेक श्रोतिय ने मंदिर की जर्जर स्थिति को देखते हुए धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग को 23 लाख 60 हजार रुपए का विस्तृत प्रस्ताव भेजा था। विभाग द्वारा इस प्रस्ताव को गंभीरता से लेते हुए पहली किस्त के रूप में 15.58 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। यह राशि मंदिर की उन जमीनों पर निर्माण कार्य के लिए उपयोग की जाएगी जो राजस्व अभिलेखों में मंदिर के नाम पर दर्ज हैं।
लगभग दो माह पूर्व कलेक्टर ने स्वयं मंदिर परिसर का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने स्थानीय निवासियों और जनप्रतिनिधियों के साथ एक बैठक की थी, जिसमें मंदिर के विकास से संबंधित सुझावों पर चर्चा की गई। निरीक्षण के दौरान मंदिर की संरचनात्मक समस्याओं को चिन्हित किया गया था, जिन्हें अब प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया जाएगा।
सामने आई थीं ये प्रमुख समस्याएं
स्थानीय लोगों ने प्रशासन को मंदिर में व्याप्त कई समस्याओं से अवगत कराया था। मुख्य रूप से मंदिर की छत से पानी टपकने की समस्या सामने आई थी, जिससे प्रतिमा और परिसर को नुकसान पहुंच रहा था। इसके अलावा, परिसर के चारों ओर उचित जल निकासी व्यवस्था न होने के कारण दीवारों में सीलन आ रही थी। प्रवेश द्वार पर जलभराव की समस्या भी श्रद्धालुओं के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई थी, जिसे मरम्मत कार्य के दौरान दूर किया जाएगा।
लोक निर्माण विभाग (PWD) को इस मरम्मत कार्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभाग द्वारा जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा ताकि आगामी समय में श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। प्रशासन का मानना है कि इन कार्यों के पूरा होने से मंदिर की भव्यता फिर से बहाल हो सकेगी।
आस्था का प्रमुख केंद्र है मंदिर
राजशाही दौर में निर्मित मां राजराजेश्वरी मंदिर टीकमगढ़ का एक प्रमुख आस्था केंद्र और सिद्ध क्षेत्र माना जाता है। कलेक्टर विवेक श्रोतिय ने बताया कि यह मंदिर न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि ऐतिहासिक धरोहर के रूप में भी महत्वपूर्ण है। स्थानीय लोगों के सुझावों को ध्यान में रखते हुए ही मरम्मत की कार्ययोजना तैयार की गई है।
पहली किस्त जारी होने के बाद अब निर्माण कार्य के लिए टेंडर और अन्य तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि मानसून या अन्य मौसमों में मंदिर को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए छत और जल निकासी के कार्यों को सबसे पहले पूरा किया जाए। मंदिर प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन इस कार्य की निगरानी करेंगे ताकि गुणवत्ता के साथ समय पर काम पूरा हो सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
