अम्बेडकरनगर: शादी का झांसा देकर देह व्यापार में धकेलने वाला गिरोह बेनकाब, 7 गिरफ्तार
बेहतर जिंदगी और अपने घर-परिवार का सपना देखने वाली एक युवती को शायद अंदाजा भी नहीं था कि जिस शादी को वह अपनी नई शुरुआत समझ रही है, वह दरअसल उसकी जिंदगी का सबसे बड़ा जाल था।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

शादी के नाम पर रची गई थी खौफनाक साजिश
अम्बेडकरनगर पुलिस ने मानव तस्करी के एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए एक युवती की जान बचा ली है। यह गिरोह आर्थिक रूप से कमजोर और बेसहारा युवतियों को शादी का झांसा देकर उन्हें देह व्यापार के दलदल में धकेलने का काम कर रहा था। पुलिस की तत्परता से युवती को उस समय मुक्त कराया गया जब उसे राजस्थान और हरियाणा ले जाने की पूरी तैयारी हो चुकी थी।
जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य बेहद शातिर तरीके से काम करते थे। वे सबसे पहले ऐसी युवतियों की तलाश करते थे जो अपने भविष्य को लेकर चिंतित होती थीं। उन्हें एक संपन्न परिवार में शादी कराने का प्रलोभन दिया जाता था। विश्वास हासिल करने के बाद, ये अपराधी युवती के नाम से फर्जी दस्तावेज तैयार करते थे ताकि किसी भी स्तर पर कोई संदेह न हो।
नकली बारात और फर्जी रिश्तेदारों का जाल
इस गिरोह की कार्यप्रणाली किसी फिल्म की कहानी जैसी लगती है, लेकिन इसका उद्देश्य बेहद घिनौना था। शादी के नाटक को असली दिखाने के लिए गिरोह के सदस्य खुद ही दूल्हा, बाराती और रिश्तेदार बन जाते थे। विवाह की रस्में पूरी होने के बाद, जब युवती की विदाई होती थी, तो गिरोह की महिला सदस्य उसके साथ सफर में रहती थीं। इससे रास्ते में किसी को भी यह शक नहीं होता था कि यह एक नवविवाहिता है जिसे तस्करी के लिए ले जाया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, युवती को हरियाणा या राजस्थान ले जाकर उसे देह व्यापार में धकेल दिया जाता था। एक बार वहां पहुंचने के बाद उसकी पहचान बदल दी जाती थी और उसे बंधक बनाकर रखा जाता था। घर वापसी के सभी रास्ते बंद कर दिए जाते थे और उसे उसकी इच्छा के विरुद्ध इस दलदल में रहने को मजबूर किया जाता था।
पुलिस की घेराबंदी और आरोपियों की गिरफ्तारी
पुलिस को मुखबिर के जरिए इस गिरोह की गतिविधियों की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस ने खिद्दिरपुर के पास घेराबंदी की। यदि पुलिस की कार्रवाई में थोड़ी भी देर होती, तो युवती को सैकड़ों किलोमीटर दूर तस्करों के ठिकाने तक पहुंचा दिया जाता। पुलिस ने मौके से सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो इस पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहे थे।
पूछताछ में यह भी पता चला है कि गिरोह एक युवती के बदले करीब दो लाख रुपये तक की मोटी रकम वसूलता था। गिरफ्तार किए गए सभी सात आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस बात की गहन जांच कर रही है कि इस नेटवर्क से और कितने लोग जुड़े हैं और क्या इस गिरोह ने पहले भी ऐसी वारदातों को अंजाम दिया है।
जांच का दायरा और आगे की कार्रवाई
अम्बेडकरनगर पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरे गिरोह के नेटवर्क को खंगालना शुरू कर दिया है। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह के तार अन्य राज्यों में भी फैले हो सकते हैं। फिलहाल, पुलिस अन्य पीड़ितों की तलाश कर रही है ताकि इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश किया जा सके और इसमें शामिल हर एक व्यक्ति को कानून के दायरे में लाया जा सके।
इस घटना ने एक बार फिर समाज में सक्रिय मानव तस्करों के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता को रेखांकित किया है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध विवाह प्रस्ताव या अनजान लोगों के झांसे में न आएं और ऐसी किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय प्रशासन को दें।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!