राजस्थान हाईकोर्ट एलडीसी भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा: डमी कैंडिडेट बैठाकर नौकरी पाने वाला आरोपी गिरफ्तार
Rajasthan SOG arrests accused in High Court LDC recruitment 2022 scam. Aam janta ko dhokha dekar naukri paane wala giraftar. Rajasthan Police Special Operation Group (SOG) has arrested an accused who obtained a job by having a dummy candidate appear in the High Court LDC recruitment examination 2022.

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए हाईकोर्ट एलडीसी भर्ती परीक्षा-2022 में हुए फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। एसओजी ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने परीक्षा में खुद के स्थान पर डमी अभ्यर्थी बैठाकर सरकारी नौकरी हासिल की थी। इस मामले ने राज्य की भर्ती परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं।
चार लाख रुपये में तय हुआ था सौदा
जांच में सामने आया है कि आरोपी बृजेश कुमार मीणा (27), जो दौसा जिले के महुवा तहसील का निवासी है, ने पेपर लीक गिरोह के सरगना हर्षवर्धन कुमार मीणा से संपर्क किया था। आरोपी ने नौकरी पाने के लिए गिरोह को चार लाख रुपये का भुगतान किया था। इस सौदे के तहत तय हुआ था कि बृजेश की जगह कोई अन्य व्यक्ति परीक्षा में शामिल होगा।
हाईकोर्ट एलडीसी भर्ती परीक्षा का आयोजन 19 मार्च 2023 को किया गया था। आरोपी ने दौसा स्थित श्री रामकरण जोशी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय को अपना परीक्षा केंद्र चुना था। योजना के अनुसार, बृजेश के स्थान पर महेंद्र कुमार नामक डमी अभ्यर्थी परीक्षा में बैठा और उसने फर्जी हस्ताक्षर व दस्तावेजों का उपयोग कर परीक्षा उत्तीर्ण की।
नियुक्ति के बाद बर्खास्तगी और गिरफ्तारी
परीक्षा में सफल होने के बाद बृजेश कुमार मीणा को धौलपुर जिले के बाड़ी स्थित एसीजेएम कोर्ट में एलडीसी के पद पर नियुक्ति मिल गई थी। हालांकि, जब इस फर्जीवाड़े की जानकारी सामने आई, तो संबंधित न्यायालय द्वारा उसे तत्काल प्रभाव से सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसओजी ने जांच शुरू की।
एसओजी की टीम ने पर्याप्त साक्ष्य जुटाने के बाद 6 जुलाई 2026 को बृजेश कुमार मीणा को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोहन चौधरी की देखरेख में की जा रही है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है और डमी अभ्यर्थी के रूप में महेंद्र कुमार की भूमिका का भी खुलासा किया है।
अन्य परीक्षाओं में भी खुल सकते हैं राज
एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि आरोपी से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त हुई हैं। बृजेश ने स्वीकार किया है कि उसने अन्य भर्ती परीक्षाओं में भी इसी तरह की धांधली की कोशिश की थी। एसओजी अब इन सूचनाओं के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों और अन्य परीक्षाओं में शामिल डमी अभ्यर्थियों की तलाश कर रही है।
यह मामला राज्य में चल रही विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में सक्रिय पेपर लीक और डमी माफियाओं के नेटवर्क की ओर इशारा करता है। एसओजी का कहना है कि इस गिरोह से जुड़े हर व्यक्ति को कानून के दायरे में लाया जाएगा। फिलहाल, पुलिस की टीम इस बात की भी जांच कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने अभ्यर्थियों को अवैध तरीके से नौकरी दिलवाई है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
