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कोटकपूरा गोलीकांड: सुखबीर बादल को विदेश जाने की मिली अनुमति, अदालत ने तय की समय सीमा

Sukhbir Badal gets court permission for foreign travel. कोटकपूरा गोलीकांड: सुखबीर बादल को विदेश जाने की अनुमति। मामले की अगली सुनवाई 18 जुलाई को होगी।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

6 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें 478
कोटकपूरा गोलीकांड: सुखबीर बादल को विदेश जाने की मिली अनुमति, अदालत ने तय की समय सीमा
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अदालत से मिली राहत, विदेश यात्रा की मंजूरी

वर्ष 2015 के चर्चित कोटकपूरा गोलीकांड मामले में आरोपी शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल को चंडीगढ़ जिला अदालत से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उन्हें विदेश यात्रा पर जाने की अनुमति प्रदान कर दी है। इस आदेश के तहत सुखबीर बादल 7 जुलाई से 11 जुलाई तक विदेश प्रवास पर रह सकेंगे। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया है कि उन्हें 18 जुलाई को होने वाली मामले की अगली सुनवाई से पहले अनिवार्य रूप से भारत वापस लौटना होगा।

सुनवाई के दौरान सुखबीर बादल के कानूनी प्रतिनिधियों ने अदालत को सूचित किया कि उन्हें जेड श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है और उनकी जान को खतरा बना हुआ है। सुरक्षा संबंधी संवेदनशील कारणों का हवाला देते हुए उनके वकीलों ने उस देश का नाम सार्वजनिक नहीं किया जहां बादल यात्रा करने वाले हैं। अदालत ने इन दलीलों पर गौर करते हुए यात्रा की अनुमति दी है।

पंजाब सरकार ने किया था विरोध

इस मामले में पंजाब सरकार के वकीलों ने सुखबीर बादल की विदेश यात्रा की अर्जी का कड़ा विरोध किया। राज्य सरकार का तर्क था कि सुखबीर बादल इस पूरे मामले के मुख्य साजिशकर्ता हैं। सरकार ने अदालत में आरोप लगाया कि वर्ष 2015 में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को दबाने के लिए गैरकानूनी हथकंडे अपनाए गए थे और राजनीतिक प्रभाव का दुरुपयोग करते हुए जांच को लंबे समय तक बाधित किया गया। सरकार ने यह भी आपत्ति जताई कि यात्रा का ठोस कारण स्पष्ट नहीं किया गया है।

दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद चंडीगढ़ जिला अदालत ने पंजाब सरकार के विरोध को दरकिनार करते हुए सुखबीर बादल को विदेश जाने की अनुमति दे दी। अदालत ने यात्रा की अवधि को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं ताकि न्यायिक प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।

क्या है कोटकपूरा गोलीकांड का मामला

यह पूरा मामला 14 अक्टूबर 2015 का है, जब फरीदकोट जिले के बरगाड़ी में हुई बेअदबी की घटनाओं के विरोध में कोटकपूरा और बहिबल कलां में लोग सड़कों पर उतर आए थे। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर बिना किसी उकसावे के गोलियां चलाईं। इस फायरिंग में बहिबल कलां के दो प्रदर्शनकारी, गुरजीत सिंह और कृष्ण भगवान सिंह की मौत हो गई थी, जबकि कोटकपूरा में कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।

इस घटना ने पंजाब की राजनीति में बड़ा भूचाल ला दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद इस पूरे प्रकरण का ट्रायल चंडीगढ़ की अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया था। तब से यह मामला कानूनी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है और विभिन्न स्तरों पर इसकी जांच और सुनवाई चल रही है।

आगे की कानूनी प्रक्रिया

अदालत ने जिस तरह से 18 जुलाई की तारीख तय की है, उससे स्पष्ट है कि मामले की सुनवाई अब एक महत्वपूर्ण चरण में है। सुखबीर बादल को दी गई यह अनुमति केवल एक निश्चित अवधि के लिए है, जिसके बाद उन्हें अदालत के समक्ष अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। इस मामले में अब सबकी नजरें 18 जुलाई को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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