लखनऊ रोड शो में हनुमान का रूप धारण कर कलाकार के नाचने पर विवाद, उदयपुर में बीजेपी नेताओं के खिलाफ शिकायत
Udaipur Congress workers file complaint against BJP national president, state president. बीजेपी अध्यक्ष के लखनऊ रोड शो पर विवाद। Congress workers demand FIR against BJP leaders in Udaipur for alleged objectionable content during a roadshow. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बीजेपी नेताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

लखनऊ रोड शो का मामला उदयपुर पहुंचा
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित भारतीय जनता पार्टी के एक रोड शो के दौरान हुई घटना ने राजस्थान के उदयपुर में राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। इस रोड शो में भगवान हनुमान का वेश धारण किए एक कलाकार को नाचते हुए देखा गया, जिसके बाद से विवाद गहरा गया है। इस मामले को लेकर उदयपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है और पुलिस में शिकायत दी है।
उदयपुर के सूरजपोल थाने में कांग्रेस कार्यकर्ता पंकज सुखवाल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल पहुंचा। उन्होंने वहां बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष और कार्यक्रम के आयोजकों के खिलाफ एक औपचारिक शिकायत पत्र सौंपा है। कांग्रेस का आरोप है कि राजनीतिक लाभ के लिए धार्मिक प्रतीकों का इस्तेमाल किया गया है, जो अनुचित है।
धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप
शिकायतकर्ता पंकज सुखवाल ने स्पष्ट रूप से कहा कि राजनीति अपनी जगह है, लेकिन भगवान हनुमान का रूप बनाकर उन्हें रोड शो में नचाना करोड़ों हिंदुओं की आस्था का अपमान है। उन्होंने तर्क दिया कि किसी भी राजनीतिक दल को अपने प्रचार के लिए देवी-देवताओं के स्वरूप का इस तरह से प्रदर्शन नहीं करना चाहिए। यह कृत्य धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है।
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष फतेह सिंह राठौड़ के निर्देश पर यह पूरी कार्रवाई की गई है। थाने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में सोहन सिंह सिसोदिया, हितेश साहू, जगदीश लोहार और मुकेश शर्मा सहित कई अन्य कार्यकर्ता शामिल थे। इन सभी ने पुलिस से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित बीजेपी नेताओं के खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाए।
कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस ने इस मामले में जल्द से जल्द प्राथमिकी दर्ज नहीं की और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेंगे। इस घटना ने उदयपुर के राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है और दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
फिलहाल, पुलिस ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है। हालांकि, इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया क्या होगी, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि क्या यह मामला केवल एक प्रदर्शन तक सीमित रहेगा या आने वाले दिनों में यह एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनेगा।
राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर
बीजेपी की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, कांग्रेस का कहना है कि वे इस मुद्दे को लेकर पूरी तरह गंभीर हैं और किसी भी कीमत पर धार्मिक प्रतीकों के राजनीतिक दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं करेंगे। इस पूरे घटनाक्रम पर अब स्थानीय प्रशासन और पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है।
यह मामला अब चर्चा का विषय बन गया है कि क्या सार्वजनिक कार्यक्रमों में धार्मिक पात्रों का चित्रण करना राजनीतिक मर्यादा के दायरे में आता है या नहीं। उदयपुर में दर्ज हुई यह शिकायत आने वाले समय में अन्य क्षेत्रों में भी विवाद का कारण बन सकती है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
