जोधपुर: जेडीए का बड़ा एक्शन, बिना अनुमति चल रही 6 अवैध फैक्ट्रियां सीज
Breaking news from Jodhpur. जोधपुर में आज की ताजा खबरें। शहर के विभिन्न इलाकों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

सांगरिया और सालावास में चला प्रशासन का डंडा
जोधपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने शहर के औद्योगिक क्षेत्रों में अवैध रूप से संचालित इकाइयों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। सोमवार को जेडीए की टीम ने सांगरिया और सालावास इलाके में छापेमारी करते हुए कुल 6 ऐसी फैक्ट्रियों को सीज कर दिया, जो बिना किसी वैध अनुमति और लैंड कन्वर्जन के संचालित की जा रही थीं। ये इकाइयां मुख्य रूप से रंगाई, धुलाई और छपाई के काम में लगी हुई थीं।
यह कार्रवाई जेडीए आयुक्त उत्साह चौधरी के कड़े निर्देशों के बाद की गई है। प्रशासन का स्पष्ट मानना है कि बिना सरकारी अनुमति के आवासीय या प्रतिबंधित क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियां चलाना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर रहा है। जेडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर इन इकाइयों के संचालन को तुरंत प्रभाव से बंद करवा दिया है।
जोजरी नदी के प्रदूषण पर प्रशासन की पैनी नजर
इन फैक्ट्रियों पर कार्रवाई के पीछे का मुख्य कारण जोजरी नदी में छोड़े जा रहे प्रदूषित पानी को रोकना है। लंबे समय से यह शिकायतें मिल रही थीं कि अवैध रूप से चल रही रंगाई और छपाई की इकाइयां अपना रासायनिक युक्त कचरा और गंदा पानी सीधे जोजरी नदी में बहा रही हैं। इससे नदी का जलस्तर और आसपास का भूजल प्रदूषित हो रहा है, जो स्थानीय निवासियों के लिए स्वास्थ्य संबंधी समस्या बन गया है।
प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए जेडीए अब आधुनिक तकनीक का सहारा ले रहा है। इन क्षेत्रों की निगरानी के लिए सर्वे के साथ-साथ ड्रोन कैमरों का उपयोग किया जा रहा है ताकि किसी भी अवैध गतिविधि को तुरंत पकड़ा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि जोजरी नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए यह अभियान निरंतर जारी रहेगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
प्रशासन की सख्त चेतावनी
सोमवार को हुई इस कार्रवाई का नेतृत्व जेडीए के उपायुक्त रामजी कलबी और तहसीलदार डॉ. हंसराज राठौड़ ने किया। निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि इन फैक्ट्रियों के पास न तो भूमि रूपांतरण के दस्तावेज थे और न ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कोई अनुमति। प्रशासन ने इन सभी इकाइयों को सील करने के बाद संचालकों को सख्त हिदायत दी है कि यदि सील के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ की गई, तो उनके खिलाफ कानूनी धाराओं में मामला दर्ज किया जाएगा।
जेडीए की इस कार्रवाई से अवैध रूप से फैक्ट्री चलाने वाले संचालकों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इसी तरह के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे। जो भी औद्योगिक इकाई नियमों के दायरे से बाहर जाकर काम करेगी, उसके खिलाफ जेडीए सख्त कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। स्थानीय प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उनके आसपास ऐसी कोई अवैध गतिविधि हो रही है, तो उसकी सूचना तुरंत जेडीए को दें।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
