खंडवा में बुलेट के शोर पर पुलिस का प्रहार: 54 मॉडिफाइड साइलेंसर रोड रोलर से किए गए नष्ट
Khandwa modified silencer crackdown. Traffic police action against loud bikes, 54 silencers crushed. खंडवा शहर में मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर पटाखों जैसी तेज आवाज निकालने वाले बाइक चालकों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस ने सख्त कार्रवाई की हैं। इनसे जब्त किए 54 मॉडिफाइड साइलेंसरों पर बुलडोजर (रोड़ रोलर) चलाकर उन्हें नष्ट किया गया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मध्य प्रदेश के खंडवा शहर में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले और सड़कों पर तेज शोर मचाने वाले वाहन चालकों के खिलाफ पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। शहर की ट्रैफिक पुलिस ने पिछले कुछ समय से चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत 54 ऐसे मॉडिफाइड साइलेंसर जब्त किए, जो बुलेट और अन्य बाइकों में लगाकर पटाखों जैसी तेज आवाज निकाली जा रही थी। इन जब्त किए गए साइलेंसरों को पुलिस ने रोड रोलर के नीचे रखकर पूरी तरह नष्ट कर दिया।
एक महीने से चल रहा था विशेष अभियान
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के स्पष्ट निर्देशों के बाद शुरू की गई थी। ट्रैफिक पुलिस पिछले एक महीने से शहर के विभिन्न इलाकों में सघन चेकिंग अभियान चला रही है। इस दौरान पुलिस ने उन सभी वाहनों को चिन्हित किया जिनमें कंपनी द्वारा दिए गए मानक साइलेंसर के बजाय अवैध रूप से मॉडिफाइड साइलेंसर लगाए गए थे। पुलिस ने न केवल इन साइलेंसरों को जब्त किया, बल्कि मोटर व्हीकल एक्ट के प्रावधानों के तहत संबंधित वाहन चालकों पर भारी जुर्माना भी लगाया है।
पुलिस की इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य शहर में ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करना और आम नागरिकों को होने वाली असुविधा से राहत दिलाना है। अधिकारियों का कहना है कि मॉडिफाइड साइलेंसर से निकलने वाली तेज आवाज न केवल नियमों के खिलाफ है, बल्कि यह सार्वजनिक शांति के लिए भी खतरा बनी हुई थी।
शोर से बेहाल थे शहरवासी
खंडवा के स्थानीय निवासियों ने पुलिस की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि शाम ढलते ही शहर की सड़कों पर बुलेट सवार कुछ युवक जानबूझकर तेज आवाज वाले साइलेंसर का उपयोग करते थे। इससे न केवल बुजुर्गों और मरीजों को परेशानी होती थी, बल्कि पढ़ाई करने वाले छात्र और छोटे बच्चे भी काफी परेशान थे। कई बार सुनसान रास्तों पर तेज आवाज निकालकर लोगों को डराने की घटनाएं भी सामने आई थीं, जिससे आम जनता में काफी आक्रोश था।
स्थानीय निवासियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि यह अभियान केवल एक बार की कार्रवाई तक सीमित न रहे। लोगों का मानना है कि यदि शहर के अलग-अलग हिस्सों में नियमित रूप से ऐसी चेकिंग की जाए, तो ही इन मनचले वाहन चालकों पर स्थायी रूप से लगाम लगाई जा सकेगी।
जागरूकता और सुरक्षा पर जोर
ट्रैफिक डीएसपी अनिल राय ने इस मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को लगातार मॉडिफाइड साइलेंसरों के कारण होने वाले शोर की शिकायतें मिल रही थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अभियान का लक्ष्य केवल चालान काटना नहीं है, बल्कि वाहन चालकों को जागरूक करना भी है। उन्होंने कहा कि सड़क पर वाहन सुरक्षित आवागमन के लिए होते हैं, न कि दूसरों को परेशान करने के लिए।
डीएसपी ने सभी वाहन मालिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों में कंपनी द्वारा निर्मित मूल साइलेंसर का ही उपयोग करें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में भी कोई वाहन चालक अवैध मॉडिफिकेशन के साथ पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ और भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस के इस कदम की सराहना की। रोड रोलर से साइलेंसरों को नष्ट होते देख वहां मौजूद नागरिकों ने पुलिस के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। यह कार्रवाई अब शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है और अन्य वाहन चालकों के लिए एक कड़ा संदेश है कि यातायात नियमों का उल्लंघन अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
