ब्रेकिंग
उदयपुर: पुलिस हिरासत से चकमा देकर भागे दो नाबालिग चोर, पहाड़ियों में तलाश जारीभोपाल के कटारा हिल्स में तेंदुए की दस्तक: रिहायशी इलाकों में दहशत, पार्क में आवाजाही पर लगी रोकग्वालियर में हनीट्रैप का खौफ: ब्लैकमेलिंग से तंग आकर युवक ने की आत्महत्या, दंपति पर केस दर्जलखनऊ: लारी कार्डियोलॉजी सेंटर में हर साल 8500 से ज्यादा हार्ट अटैक मरीजों को मिल रहा नया जीवनसुपौल: अवैध लेनदेन के विवाद में युवक का अपहरण, पुलिस ने 12 घंटे के भीतर सकुशल कराया बरामदकरौली की बेटी प्रिया गुप्ता का कमाल: पहले ही प्रयास में NEET-PG में लहराया सफलता का परचमधौलपुर: पिकअप हादसे में 4 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, पोखर किनारे से हटाए गए अवैध निर्माणझांसी के कारोबारी का रहस्यमय परिस्थितियों में निधन, मध्य प्रदेश की नदी में मिला शव
उदयपुर: पुलिस हिरासत से चकमा देकर भागे दो नाबालिग चोर, पहाड़ियों में तलाश जारीभोपाल के कटारा हिल्स में तेंदुए की दस्तक: रिहायशी इलाकों में दहशत, पार्क में आवाजाही पर लगी रोकग्वालियर में हनीट्रैप का खौफ: ब्लैकमेलिंग से तंग आकर युवक ने की आत्महत्या, दंपति पर केस दर्जलखनऊ: लारी कार्डियोलॉजी सेंटर में हर साल 8500 से ज्यादा हार्ट अटैक मरीजों को मिल रहा नया जीवनसुपौल: अवैध लेनदेन के विवाद में युवक का अपहरण, पुलिस ने 12 घंटे के भीतर सकुशल कराया बरामदकरौली की बेटी प्रिया गुप्ता का कमाल: पहले ही प्रयास में NEET-PG में लहराया सफलता का परचमधौलपुर: पिकअप हादसे में 4 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, पोखर किनारे से हटाए गए अवैध निर्माणझांसी के कारोबारी का रहस्यमय परिस्थितियों में निधन, मध्य प्रदेश की नदी में मिला शव

उदयपुर में परमाणु खनिजों की तलाश तेज: 10 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पांच साल के लिए रिजर्व

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

6 जुलाई 20262 मिनट पढ़ें
उदयपुर में परमाणु खनिजों की तलाश तेज: 10 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पांच साल के लिए रिजर्व
मूल स्रोत

राजस्थान के उदयपुर जिले में परमाणु खनिजों की मौजूदगी की संभावनाओं को देखते हुए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। खान एवं पेट्रोलियम विभाग ने उदयपुर की भींडर तहसील के अंतर्गत आने वाले 10 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को अगले पांच वर्षों के लिए परमाणु खनिज अन्वेषण के लिए आरक्षित घोषित कर दिया है। यह क्षेत्र लगभग 6250 बीघा से अधिक भूमि में फैला हुआ है।

निवानिया-कीकावास क्षेत्र पर विशेष फोकस

आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, यह रिजर्व क्षेत्र निवानिया और कीकावास गांवों के आसपास स्थित है। परमाणु खनिज अन्वेषण एवं अनुसंधान निदेशालय (AMD) इस पूरे इलाके में रेडियोधर्मी पदार्थों की खोज करेगा। भू-वैज्ञानिकों का मानना है कि इस बेल्ट में मौजूद कार्बोनेटाइट चट्टानों में यूरेनियम, थोरियम और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों के भंडार होने की प्रबल संभावना है।

राज्यपाल की ओर से जारी आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि इस 10 वर्ग किलोमीटर के दायरे में अब किसी भी अन्य प्रकार के खनन पट्टे या क्वारी लाइसेंस के आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। परमाणु खनिज रियायती नियम, 2016 के तहत इस क्षेत्र को पूरी तरह से सुरक्षित कर दिया गया है ताकि अन्वेषण कार्य में कोई बाधा न आए।

खनन गतिविधियों पर कड़े प्रतिबंध

सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस आरक्षित ब्लॉक में लंबित पड़े सभी नए खनन आवेदनों को निरस्त माना जाएगा। हालांकि, जो खनन पट्टे या लाइसेंस पहले से ही स्वीकृत हैं और वर्तमान में संचालित हैं, उन पर इस आदेश का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। आम जनता और संबंधित हितधारक इस परियोजना का विस्तृत नक्शा उदयपुर स्थित अधीक्षण भू-वैज्ञानिक कार्यालय और खान एवं भूविज्ञान निदेशालय में देख सकते हैं।

परमाणु खनिज अन्वेषण एवं अनुसंधान निदेशालय (AMD) के लिए यह एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। विशेषज्ञों का कहना है कि अन्वेषण की अवधि पांच साल तय की गई है, लेकिन यदि निदेशालय का कार्य समय से पहले पूरा हो जाता है, तो इसे पहले भी समाप्त किया जा सकता है। राज्य में इससे पहले भी कई स्थानों पर इस तरह के अन्वेषण कार्य किए गए हैं।

परमाणु ऊर्जा के लिए महत्वपूर्ण खोज

देश में परमाणु ऊर्जा और बिजली उत्पादन की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए रेडियोधर्मी खनिजों की खोज एक रणनीतिक प्राथमिकता है। उदयपुर का यह क्षेत्र भू-गर्भीय दृष्टि से काफी संवेदनशील माना जाता है। पूर्व में मिले संकेतों के आधार पर ही सरकार ने इस क्षेत्र को रिजर्व करने का निर्णय लिया है ताकि वैज्ञानिक तरीके से इन खनिजों की उपलब्धता का आकलन किया जा सके।

इस खोज प्रक्रिया के दौरान अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। यदि अन्वेषण के दौरान यूरेनियम और थोरियम के व्यावसायिक भंडार मिलते हैं, तो यह न केवल राजस्थान बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित हो सकती है। फिलहाल, स्थानीय प्रशासन और खान विभाग इस पूरे प्रोजेक्ट की निगरानी कर रहे हैं।

SponsoredMushfan Digital Studios - We Build Brands. We Grow Businesses.

टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

संबंधित खबरें