देशभर में मानसून का रौद्र रूप: मुंबई में लैंडस्लाइड से ट्रेनें ठप, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
Monsoon hits India hard! Mumbai schools shut today. मध्य प्रदेश के भोपाल समेत 7 जिलों में रविवार को तेज बारिश हुई। पांढुर्णा जिले में बिजली गिरने से महिला की मौत हो गई।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मुंबई में थमी रफ्तार, रेल और सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित
देशभर में मानसून ने अपना विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है। महाराष्ट्र में मूसलाधार बारिश के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मुंबई-पुणे रेल मार्ग पर करजात-लोनावला के भोर घाट सेक्शन में भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की घटनाओं ने ट्रेनों की आवाजाही को रोक दिया है। ठाकुरवाड़ी और मंकी हिल के बीच हुई इस घटना के कारण रेलवे को करीब 20 ट्रेनों को रद्द करना पड़ा है। इसके साथ ही मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर भी भूस्खलन के कारण यातायात बाधित हुआ है।
मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सभी सरकारी और निजी स्कूलों व कॉलेजों में छुट्टी की घोषणा की है। शहर में 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही तेज हवाओं के कारण 142 पेड़ गिरने की सूचना है। प्रशासन ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है और रेड नाउकास्ट वॉर्निंग जारी की गई है।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बारिश से जनहानि
मध्य प्रदेश के कई जिलों में रविवार को भारी बारिश दर्ज की गई। पांढुर्णा जिले में आकाशीय बिजली गिरने से एक महिला की मौत हो गई, जबकि रायसेन जिले में बेतवा नदी में डूबने से दो नाबालिग बच्चियों ने अपनी जान गंवा दी। शाजापुर में कालीसिंध नदी उफान पर है, जिससे निचले इलाकों में खतरा बढ़ गया है।
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में भी मानसून का कहर देखने को मिला, जहां एक गड्ढे में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। वहीं, बलौदा बाजार में बालमदेही नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच फंसे श्रद्धालुओं को प्रशासन द्वारा सुरक्षित बाहर निकाला गया।
उत्तर भारत से लेकर पूर्व तक अलर्ट
उत्तर प्रदेश के 10 से अधिक शहरों में लगातार बारिश हो रही है और आगामी दिनों में भी अलर्ट जारी किया गया है। हरियाणा और पंजाब में भी अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जिसके चलते निचले इलाकों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो सकती है। बिहार के 12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहां 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।
उत्तराखंड में भी मानसून की सक्रियता के कारण करीब 30 सड़कें बंद हो गई हैं। यमुनोत्री हाईवे पर मलबा गिरने से आवागमन ठप है। मौसम विभाग ने पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और नदियों का जलस्तर बढ़ने की चेतावनी जारी की है।
आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज
मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों में मानसून का असर और अधिक राज्यों में देखने को मिलेगा। 7 जुलाई को उत्तर प्रदेश के 22 जिलों में बारिश की चेतावनी है, जबकि पश्चिम बंगाल और ओडिशा के कई हिस्सों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। 8 जुलाई को आंध्र प्रदेश, झारखंड और पूर्वोत्तर के राज्यों में भी भारी बारिश की संभावना है।
गुजरात के ऊना में बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है, जिससे कई गांवों का संपर्क टूट गया है। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में भी भारी बारिश के कारण सड़कों पर पानी का तेज बहाव देखा गया। प्रशासन ने सभी प्रभावित क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन टीमों को तैनात कर दिया है और लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
