देशभर में मानसून का रौद्र रूप: नासिक में बादल फटने का अलर्ट, कई राज्यों में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त
Rajasthan bus passengers stranded, youth swept away in floodwaters. मध्य प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से कई जिलों में हालात बिगड़ने लगे हैं। बालाघाट में महाराष्ट्र सीमा से लगी बाघ नदी उफान पर आने से किरनापुर-लांजी मार्ग पर पुल निर्माण में लगी कार, जेसीबी और लोडर तेज बहाव में बह गए।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

नासिक में रेड अलर्ट और मंदिरों में प्रवेश पर रोक
महाराष्ट्र के नासिक और त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र में मानसून ने विकराल रूप धारण कर लिया है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान क्षेत्र में 300 मिमी तक बारिश होने की संभावना जताते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने नासिक में बादल फटने की आशंका के मद्देनजर एहतियाती कदम उठाए हैं। जिले के सभी स्कूल और कॉलेजों में आज अवकाश घोषित कर दिया गया है। इसके अलावा, श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए त्र्यंबकेश्वर मंदिर और सप्तश्रृंगी मंदिर को आज के लिए बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
रत्नागिरी जिले के शेलारवाड़ी में भारी बारिश के कारण भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की घटना सामने आई है। मलबे की चपेट में आने से एक मकान का हिस्सा ढह गया, जिसमें दबे एक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। वहीं, दो अन्य लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका बनी हुई है, जिन्हें निकालने के लिए राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
मध्य प्रदेश और राजस्थान में बिगड़े हालात
मध्य प्रदेश के कई जिलों में पिछले छह दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। बालाघाट में बाघ नदी के उफान पर आने से किरनापुर-लांजी मार्ग पर पुल निर्माण में लगी मशीनरी, जिसमें क्रेन और लोडर शामिल थे, पानी के तेज बहाव में बह गई। डिंडौरी में नर्मदा और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ने से आवागमन बाधित हुआ है। राज्य में अब तक औसत 7 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य के करीब है।
राजस्थान के जोधपुर, पाली, जालोर और बाड़मेर में सोमवार को हुई तीन इंच बारिश ने सड़कों को जलमग्न कर दिया है। जोधपुर में हाईवे पर पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ है, जबकि जालोर के पहाड़ी क्षेत्रों में झरने सक्रिय हो गए हैं। राज्य के सात जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
देश के अन्य हिस्सों में मौसम का मिजाज
उत्तर भारत में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट है, जिनमें से आठ जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। सहारनपुर में शाकंभरी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से प्रशासन ने स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है। वहीं, हरियाणा के सात जिलों और पंजाब के दस जिलों में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
जम्मू-कश्मीर के डोडा और किश्तवाड़ में अचानक आई बाढ़ ने रिहायशी इलाकों को नुकसान पहुंचाया है। सड़कों पर मलबा जमा होने से यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। उत्तराखंड के छह जिलों में भी भारी बारिश की संभावना के चलते यलो अलर्ट जारी किया गया है। बिहार में मानसून ने यू-टर्न लेते हुए अगले सात दिनों के लिए भारी बारिश का हाई अलर्ट जारी किया है, जिससे सूखे की स्थिति से जूझ रहे राज्य को राहत मिलने की उम्मीद है।
आगामी दिनों में मौसम का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, 8 और 9 जुलाई को देश के कई राज्यों में स्थिति गंभीर बनी रह सकती है। उत्तर प्रदेश के 22 जिलों के साथ-साथ ओडिशा, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और झारखंड में भी तेज बारिश की चेतावनी दी गई है। तटीय क्षेत्रों में समुद्र के पास के इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने लोगों से जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
