पटना के रेल यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें: 12 प्रमुख ट्रेनों का रूट विस्तार बना परेशानी का सबब

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

पटना से चलने वाली 12 ट्रेनों के रूट में बदलाव
पटना जंक्शन, राजेंद्रनगर टर्मिनल और दानापुर स्टेशन से संचालित होने वाली 12 जोड़ी लोकप्रिय एक्सप्रेस ट्रेनों के रूट में हाल ही में विस्तार किया गया है। इन ट्रेनों को अब दूसरे स्टेशनों तक बढ़ाया गया है, जिसके कारण पटना के नियमित यात्रियों को कन्फर्म टिकट पाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रूट लंबा होने के कारण इन ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट की समस्या बढ़ गई है और यात्रियों के लिए यात्रा की योजना बनाना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
रेलवे प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुविधा के लिए इन ट्रेनों का विस्तार किया गया है, लेकिन स्थानीय यात्रियों का तर्क है कि इससे पटना के स्टेशनों पर उपलब्ध सीटों का कोटा प्रभावित हुआ है। टाटा-दानापुर एक्सप्रेस, दानापुर-पुणे एक्सप्रेस, और कुर्ला-पटना एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों के गंतव्य बदलने से अब पटना के यात्रियों को पहले की तुलना में कम सीटें मिल पा रही हैं।
प्रीमियम ट्रेनों का किराया और यात्रियों की चिंता
रेलवे ने पटना से वंदे भारत, अमृत भारत और नमो भारत जैसी आधुनिक प्रीमियम ट्रेनें शुरू की हैं। हालांकि इन ट्रेनों से यात्रा का समय जरूर कम हुआ है और सुविधाएं बेहतर हुई हैं, लेकिन इनका किराया सामान्य एक्सप्रेस और इंटरसिटी ट्रेनों की तुलना में काफी अधिक है। आम यात्रियों का मानना है कि सस्ती और सुलभ यात्रा के विकल्प लगातार कम होते जा रहे हैं, जिससे मध्यम और निम्न आय वर्ग के यात्रियों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
पूर्व मध्य रेल के सीपीआरओ सरस्वती चंद्र ने इस स्थिति पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि ट्रेनों का विस्तार पटना के यात्रियों के हित में है और इन ट्रेनों का ठहराव पटना के स्टेशनों पर यथावत बना हुआ है। उन्होंने दावा किया कि ट्रेनों का संचालन समय पर हो रहा है और इससे पटना के यात्रियों को भी नई कनेक्टिविटी का लाभ मिल रहा है।
रूट विस्तार से परिचालन और रखरखाव पर असर
बिहार दैनिक यात्री संघ के महासचिव शोएब कुरैशी ने रूट विस्तार के नकारात्मक पहलुओं पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि रूट लंबा होने से ट्रेनों का 'टर्न-अराउंड टाइम' कम हो जाता है, जिससे स्टेशन पर सफाई और मेंटेनेंस के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। इसका सीधा असर यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं पर पड़ता है, जैसे कि ट्रेनों में पानी की किल्लत, सफाई की कमी और चार्जिंग पॉइंट का खराब होना।
इसके अलावा, लंबी दूरी की ट्रेनों में देरी होने पर उसका असर पूरे टाइम-टेबल पर पड़ता है, जिससे यात्रियों की परेशानी और बढ़ जाती है। संघ का कहना है कि रेलवे को विस्तार के साथ-साथ इन बुनियादी सुविधाओं और समयबद्धता पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि यात्रियों को असुविधा न हो।
आगामी बदलाव और प्रभावित ट्रेनें
प्रभावित होने वाली ट्रेनों में दानापुर-पुणे एक्सप्रेस (सुपौल तक), कुर्ला-पटना एक्सप्रेस (राजगीर तक), अजीमाबाद एक्सप्रेस (राजगीर तक), गरीब रथ एक्सप्रेस (आरा तक), मगध एक्सप्रेस (इस्लामपुर तक), दुर्ग-राजेंद्रनगर एक्सप्रेस (आरा तक) और कैपिटल एक्सप्रेस (आरा तक) शामिल हैं। इन ट्रेनों के विस्तार की प्रक्रिया जुलाई महीने के विभिन्न चरणों में पूरी की जा रही है, जिससे आने वाले दिनों में यात्रियों को और अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।
रेलवे द्वारा किए गए इन बदलावों के बाद अब यात्रियों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या रेलवे प्रशासन वेटिंग लिस्ट की समस्या को कम करने के लिए अतिरिक्त कोच या नई ट्रेनों की व्यवस्था करेगा। फिलहाल, पटना के यात्रियों के लिए कन्फर्म टिकट हासिल करना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
