जड़ेरुआ-बेहटा रोड का अटका काम होगा पूरा, नहर पर 1.75 करोड़ की लागत से बनेगा कल्वर्ट पुल

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

जड़ेरुआ-बेहटा मार्ग पर राह होगी आसान
ग्वालियर स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कार्पोरेशन ने जड़ेरुआ-बेहटा रोड पर लंबे समय से चले आ रहे विवादित हिस्से का समाधान ढूंढ लिया है। इस मार्ग पर नहर के ऊपर पाइप डालने के बजाय अब एक कल्वर्ट पुल का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना के लिए 1.75 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है, जिससे क्षेत्र के निवासियों को आवागमन में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
स्मार्ट सिटी प्रशासन ने इस निर्माण कार्य को गति देने के लिए तैयारी पूरी कर ली है। जल्द ही निविदा (टेंडर) प्रक्रिया शुरू की जाएगी ताकि निर्माण कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके। यह सड़क आगरा-मुम्बई नेशनल हाईवे को जोड़ने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
8.43 करोड़ खर्च के बाद भी अधूरी थी सड़क
इस परियोजना का इतिहास काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। स्मार्ट सिटी ने बांध से बेहटा तक सड़क निर्माण के लिए पहले ही 8.43 करोड़ रुपये खर्च किए थे। नहर के किनारे-किनारे बनाई जा रही इस 6 किलोमीटर लंबी सड़क का कार्य तब रुक गया था, जब करीब 210 मीटर का हिस्सा निजी भूमि के विवाद में फंस गया था। इस कारण सड़क का एक बड़ा हिस्सा अधूरा रह गया था, जिससे स्थानीय लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा था।
स्मार्ट सिटी के पास स्मार्ट रोड बनाने के लिए केंद्र सरकार से प्राप्त राशि का उपयोग किया गया था। हालांकि, मूल प्रोजेक्ट के तहत केवल तीन स्मार्ट रोड ही बन सके, जिसके बाद बची हुई राशि से जन प्रतिनिधियों के सुझाव पर अन्य सड़कों का निर्माण कार्य हाथ में लिया गया था। जड़ेरुआ-बेहटा मार्ग भी इसी कड़ी का हिस्सा है।
क्या होगी पुल की खासियत
प्रस्तावित कल्वर्ट पुल का डिजाइन तैयार कर लिया गया है। तकनीकी विवरण के अनुसार, इस पुल की कुल लंबाई 150 मीटर होगी और इसकी चौड़ाई 4 मीटर रखी गई है। नहर के ऊपर इस मजबूत ढांचे के निर्माण से सड़क का संपर्क बहाल हो जाएगा और विवादित क्षेत्र की समस्या का स्थायी समाधान निकल आएगा।
शहर में कल्वर्ट पुल का यह मॉडल कोई नया नहीं है। इससे पहले हुरावली पुलिया के पास भी इसी तरह का निर्माण कार्य किया जा रहा है। गौरतलब है कि दो साल पहले तेज बहाव के कारण हुरावली की पुलिया बह गई थी, जिसके बाद सुरक्षा और मजबूती को ध्यान में रखते हुए कल्वर्ट पुल को प्राथमिकता दी जा रही है।
परियोजना का भविष्य और प्रभाव
इस पुल के निर्माण से न केवल स्थानीय लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, बल्कि नेशनल हाईवे तक पहुंच भी सुगम हो जाएगी। स्मार्ट सिटी प्रशासन का मानना है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य में तेजी आएगी। इससे क्षेत्र में यातायात का दबाव कम होगा और लंबे समय से लंबित इस सड़क परियोजना का लाभ आम जनता को मिल सकेगा।
प्रशासन अब इस बात पर ध्यान केंद्रित कर रहा है कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की तकनीकी बाधा न आए। कल्वर्ट पुल के निर्माण से नहर के बहाव और सड़क की सुरक्षा दोनों सुनिश्चित हो सकेगी, जिससे भविष्य में किसी भी प्रकार के नुकसान की संभावना कम रहेगी।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
