ग्वालियर में महज 10 मिमी बारिश ने खोली नगर निगम के दावों की पोल, फायर ब्रिगेड स्टेशन हुआ जलमग्न

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

ग्वालियर शहर में मानसून की दस्तक के साथ ही नगर निगम के दावों की हवा निकल गई है। रविवार को हुई महज 10 मिलीमीटर बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। स्थिति इतनी भयावह हो गई कि जिस फायर ब्रिगेड स्टेशन को आपदा के समय लोगों की मदद के लिए मुस्तैद रहना था, वह खुद ही जलभराव की चपेट में आ गया।
कंट्रोल रूम बना बेबस
नगर निगम ने जलभराव और बाढ़ जैसी आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए एक विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया था। इसके लिए बाकायदा हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए थे, ताकि नागरिक संकट के समय संपर्क कर सकें। हालांकि, रविवार को हुई बारिश के बाद फायर ब्रिगेड स्टेशन के भीतर पानी भर जाने से यह कंट्रोल रूम पूरी तरह से बेबस नजर आया। स्टेशन परिसर में पानी जमा होने के कारण बचाव कार्यों में लगे कर्मचारियों को भी भारी मशक्कत करनी पड़ी।
यह विडंबना ही है कि बाल भवन के पास स्थित इस महत्वपूर्ण केंद्र के आसपास ही प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालय और आवास मौजूद हैं। इसके बावजूद, जल निकासी की कोई ठोस व्यवस्था न होने के कारण पूरा इलाका तालाब में तब्दील हो गया।
शहर के प्रमुख मार्गों का बुरा हाल
केवल फायर ब्रिगेड स्टेशन ही नहीं, बल्कि शहर के कई प्रमुख चौराहे और सड़कें भी जलभराव से अछूती नहीं रहीं। पड़ाव चौराहा, जमुनाबाग नर्सरी के बाहर, एजी ऑफिस पुल के नीचे, एसकेवी रोड, थीम रोड और चेतकपुरी चौराहे से लेकर माधव नगर तक पानी भर गया। इन इलाकों में जलभराव के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सड़कों पर जमा पानी के कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। कई स्थानों पर जलभराव के साथ-साथ कीचड़ की स्थिति बनी रही, जिससे दोपहिया वाहन चालकों के लिए आवागमन करना जोखिम भरा हो गया था।
अधूरे निर्माण कार्यों ने बढ़ाई मुसीबत
शहर में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों ने मानसून के दौरान आम जनता की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। तपोवन से नाका चंद्रवदनी रोड, साइंस कॉलेज से नाका चंद्रवदनी रोड, सचिन तेंदुलकर रोड, सागरताल से बहोड़ापुर मार्ग और एमआईटीएस कॉलेज के पीछे की सड़कों पर जारी खुदाई और निर्माण कार्य के कारण स्थिति और भी गंभीर हो गई है।
निर्माण कार्यों के चलते सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं, जिनमें बारिश का पानी जमा होने से बड़े हादसे होने का डर बना रहता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि मानसून से पहले निर्माण कार्यों को पूरा करने के दावे किए गए थे, लेकिन हकीकत में काम अभी भी अधूरे पड़े हैं।
प्रशासनिक स्तर पर इन समस्याओं के निराकरण के लिए कोई ठोस रणनीति न होने से शहरवासी खासे नाराज हैं। अब देखना यह है कि क्या नगर निगम प्रशासन आने वाले दिनों में जल निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त कर पाता है या फिर अगली बारिश में भी शहर को इसी तरह की स्थिति का सामना करना पड़ेगा।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
