ग्वालियर में दूध मिलना मुश्किल, पर रात भर शराब की बिक्री जारी: नियमों की उड़ रही धज्जियां

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

शहर में रात 11:30 बजे के बाद भी खुलेआम बिक रही शराब
ग्वालियर में आबकारी विभाग के नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए शराब की दुकानें रात 11:30 बजे के बाद भी संचालित हो रही हैं। जहां एक ओर रात के समय दूध जैसी आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता मुश्किल हो जाती है, वहीं शराब की दुकानें शटर गिराकर खिड़कियों के माध्यम से पूरी रात शराब बेच रही हैं। यह स्थिति शहर के कई प्रमुख इलाकों में देखी गई है, जहां प्रशासन की नाक के नीचे नियमों का उल्लंघन हो रहा है।
एक हालिया पड़ताल में यह सामने आया है कि शहर की कई शराब दुकानों पर रात 2:10 बजे तक ग्राहकों का तांता लगा रहता है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इंदरगंज थाने और एसपी कार्यालय जैसे संवेदनशील क्षेत्रों के पास स्थित दुकानें भी देर रात तक शराब बेच रही हैं। इस दौरान न तो पुलिस की गश्त दिखाई दी और न ही आबकारी विभाग का कोई अमला इन दुकानों पर कार्रवाई करता नजर आया।
एमआरपी से अधिक वसूली जा रही कीमत
दुकानदार न केवल निर्धारित समय के बाद शराब बेच रहे हैं, बल्कि ग्राहकों से मनमानी कीमत भी वसूल रहे हैं। इंदरगंज स्थित एक शराब दुकान पर रात 1:38 बजे जब बीयर खरीदी गई, तो दुकानदार ने एमआरपी से 50 रुपये अतिरिक्त वसूले। जब उससे समय सीमा के बारे में पूछा गया, तो उसने बेखौफ होकर जवाब दिया कि उनकी खिड़की पूरी रात खुली रहती है और ग्राहक कभी भी आ सकते हैं।
नियमों के अनुसार, शराब दुकानों के संचालन का समय सुबह 9 बजे से रात 11:30 बजे तक ही निर्धारित है। इसके बाद शराब की बिक्री पूरी तरह से प्रतिबंधित है। हालांकि, धरातल पर स्थिति बिल्कुल विपरीत है। दुकानदार शटर बंद कर अंदर से खिड़की के जरिए कारोबार चला रहे हैं, जिससे साफ होता है कि उन्हें किसी भी प्रकार की कार्रवाई का डर नहीं है।
अधिकारियों ने दिए सख्त कार्रवाई के संकेत
इस मामले पर ग्वालियर के सहायक आबकारी आयुक्त राकेश कुमार कुर्मी ने कहा कि रात 11:30 बजे के बाद शराब बेचना पूरी तरह गलत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी दुकानदार नियमों का उल्लंघन करते पाए जाएंगे, उन पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और उनके लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि रात के समय हर स्थान पर निगरानी रखना विभाग के लिए चुनौतीपूर्ण होता है।
ग्वालियर के आईजी अरविंद सक्सेना ने भी इस पर संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि यदि देर रात तक शराब बिकने की शिकायतें मिल रही हैं, तो पुलिस और आबकारी विभाग को संयुक्त रूप से अचानक दबिश देनी चाहिए। उन्होंने आश्वासन दिया है कि भविष्य में यदि कोई दुकान निर्धारित समय के बाद खुली पाई गई, तो संबंधित दुकानदारों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
शहर में चल रहे इस अवैध कारोबार ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जब पुलिस थानों और प्रशासनिक कार्यालयों के पास ही नियम टूट रहे हैं, तो आम जनता में कानून के प्रति विश्वास कम होना स्वाभाविक है। अब देखना यह होगा कि क्या अधिकारियों की चेतावनी के बाद इन दुकानों पर ताले लगते हैं या यह खेल इसी तरह जारी रहता है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
