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आजम खान को सुप्रीम कोर्ट से झटका: ED की गिरफ्तारी के खिलाफ याचिका हाईकोर्ट भेजी

पूर्व मंत्री आजम खान को ED की गिरफ्तारी के मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली। CJI सूर्यकांत ने उनकी याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट ट्रांसफर कर दी।

मोहम्मद नवेद

मोहम्मद नवेद

एडिटर

6 नवंबर 20263 मिनट पढ़ें
आजम खान को सुप्रीम कोर्ट से झटका: ED की गिरफ्तारी के खिलाफ याचिका हाईकोर्ट भेजी
मूल स्रोत

सुप्रीम कोर्ट से आजम खान को नहीं मिली राहत

प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा की गई गिरफ्तारी को चुनौती देने वाले पूर्व मंत्री आजम खान को सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। शीर्ष अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए उनकी याचिका को इलाहाबाद हाईकोर्ट में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया है। इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में एक बार फिर हलचल पैदा कर दी है।

सुनवाई के दौरान आजम खान की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि जिस मामले में यह कार्रवाई की गई है, वह काफी पुराना है। सिब्बल ने तर्क दिया कि 2006 की कथित घटनाओं को लेकर 2019 में FIR दर्ज की गई थी, जो प्रक्रियात्मक रूप से सवालों के घेरे में है। उन्होंने इसे राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित बताते हुए अपनी चिंताएं व्यक्त कीं।

जेल में साजिश का आरोप

आजम खान ने अपनी याचिका में गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि उन्हें जेल के भीतर ही खत्म करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों को देखते हुए उन्हें बाहर आने से रोकने के लिए यह पूरी कवायद की जा रही है। उनके अनुसार, यह सब उन्हें सक्रिय राजनीति से दूर रखने के लिए किया जा रहा है।

अदालत के समक्ष पेश की गई दलीलों में यह भी कहा गया कि ईडी की कार्रवाई का उद्देश्य केवल उन्हें जेल में ही बनाए रखना है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को समझते हुए इसे सीधे अपने स्तर पर सुनने के बजाय संबंधित हाईकोर्ट को सौंपना उचित समझा। अब इस मामले की कानूनी लड़ाई इलाहाबाद हाईकोर्ट के दायरे में लड़ी जाएगी।

कानूनी प्रक्रिया और भविष्य की राह

सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता को अपनी राहत के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना चाहिए। यह निर्देश तब आया जब बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी की वैधता और प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। अब आजम खान के कानूनी दल को हाईकोर्ट में अपनी दलीलें फिर से पेश करनी होंगी।

इस मामले में ईडी की ओर से भी अपनी दलीलें रखी गई हैं, जिसमें जांच की आवश्यकता और साक्ष्यों का हवाला दिया गया है। एजेंसी का मानना है कि गिरफ्तारी कानूनी प्रावधानों के तहत ही की गई है। फिलहाल, आजम खान की न्यायिक हिरासत जारी है और उन्हें अब हाईकोर्ट के अगले आदेश का इंतजार करना होगा।

राजनीतिक गलियारों में इस मामले को लेकर चर्चा तेज है। आजम खान के समर्थकों का मानना है कि यह कानूनी प्रक्रिया उन्हें कमजोर करने का एक माध्यम है, जबकि विपक्षी दलों ने इस पर चुप्पी साध रखी है। आने वाले दिनों में हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई इस मामले की दिशा तय करेगी।

यह पूरा मामला न केवल कानूनी दांव-पेच का है, बल्कि उत्तर प्रदेश की चुनावी राजनीति के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आजम खान का जेल में होना और उन पर चल रहे विभिन्न मामले राज्य के राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित करते रहे हैं। अब सबकी निगाहें इलाहाबाद हाईकोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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