मेरठ: कुख्यात ऊधम सिंह के नाम पर कारोबारी से 50 लाख की रंगदारी, लिफाफे में कारतूस भेजकर दी जान से मारने की धमकी
मेरठ के सदर बाजार क्षेत्र में एक कारोबारी से कुख्यात बदमाश ऊधम सिंह के नाम पर 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। रंगदारी नहीं देने पर कारोबारी को गोली मारने की धमकी दी गई।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक व्यवसायी को कुख्यात अपराधी ऊधम सिंह के नाम पर 50 लाख रुपये की रंगदारी के लिए धमकाने का मामला सामने आया है। सदर बाजार क्षेत्र के जलीकोठी इलाके में अपना कारोबार चलाने वाले अंकुर शर्मा को न केवल जान से मारने की धमकी दी गई, बल्कि उनके पास लिफाफे में जिंदा कारतूस भेजकर दहशत फैलाने की कोशिश की गई है। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी इनामुल्लाह और ऊधम सिंह समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
निर्माण कार्य रुकवाने से शुरू हुआ विवाद
पीड़ित कारोबारी अंकुर शर्मा ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उन्होंने जलीकोठी में अपना नया प्रतिष्ठान शुरू किया था। आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय निवासी इनामुल्लाह ने कई बार काम में बाधा डाली और कुख्यात ऊधम सिंह के नाम का खौफ दिखाकर 50 लाख रुपये की मांग की। कारोबारी ने शुरुआत में इन धमकियों को नजरअंदाज किया, जिसके बाद आरोपियों ने उन्हें सबक सिखाने की योजना बनाई।
घटनाक्रम के अनुसार, 7 सितंबर की सुबह जब अंकुर शर्मा आबूलेन स्थित जिम से बाहर निकले, तो संदिग्धों ने उनकी कार का पीछा करना शुरू कर दिया। शहीद स्मारक के पास आरोपियों ने अपनी गाड़ियों से कारोबारी का रास्ता रोका। आरोप है कि इस दौरान इनामुल्लाह ने कारोबारी को धमकाते हुए कहा कि वह उनकी चेतावनी को हल्के में ले रहे हैं। इसके बाद दूसरी कार में बैठे ऊधम सिंह ने पिस्टल लहराते हुए 50 लाख रुपये की रंगदारी न देने पर जान से खत्म करने की धमकी दी। जाते समय आरोपियों ने कारोबारी की गाड़ी पर फायरिंग भी की थी।
लिफाफे में कारतूस भेजकर बढ़ाई दहशत
मामला तब और गंभीर हो गया जब 1 नवंबर को दो अज्ञात बाइक सवार युवक कारोबारी के सिक्योरिटी गार्ड के पास पहुंचे। उन्होंने गार्ड को एक लिफाफा थमाया और वहां से फरार हो गए। जब अंकुर शर्मा ने उस लिफाफे को खोला, तो उसमें एक धमकी भरा पत्र और एक जिंदा कारतूस मिला। पत्र में साफ तौर पर लिखा था कि यदि तय रकम नहीं दी गई, तो उन्हें गोली मार दी जाएगी। इस घटना के बाद से कारोबारी का परिवार और स्थानीय व्यापारी वर्ग काफी डरा हुआ है।
कारोबारी की तहरीर पर सदर बाजार थाने में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि सात सितंबर की घटना और हालिया धमकी के मामले में साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस टीम घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान और उनकी सटीक लोकेशन का पता लगाया जा सके।
पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा का भरोसा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल, कारोबारी को सुरक्षा का आश्वासन दिया गया है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस गिरोह के तार अन्य इलाकों में भी फैले हैं और क्या इन्होंने किसी अन्य व्यापारी को भी निशाना बनाया है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बाइक सवार युवकों की पहचान करने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
यह घटना मेरठ में व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े कर रही है। खुलेआम पिस्टल दिखाकर रंगदारी मांगना और घर या दफ्तर तक कारतूस भिजवाना अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस को दर्शाता है। पुलिस प्रशासन अब इस मामले में कोई ढिलाई नहीं बरत रहा है और आरोपियों की धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!