रेवाड़ी: पिता का मोबाइल इस्तेमाल करते समय युवक के साथ साइबर ठगी, खाते से उड़े 95 हजार
रेवाड़ी जिले के गांव भाड़ावास में साइबर ठगी का मामला सामने आया है। एक युवक के पिता का मोबाइल फोन अचानक हैक होने के बाद उनके इंडियन बैंक खाते से 95 हजार रुपए निकाल लिए गए।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मोबाइल हैक कर खाते से उड़ाए पैसे
हरियाणा के रेवाड़ी जिले के भाड़ावास गांव में साइबर अपराध का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक के पिता का मोबाइल फोन अचानक हैक कर लिया गया, जिसके बाद उनके बैंक खाते से 95 हजार रुपये की बड़ी रकम निकाल ली गई। घटना के बाद से पीड़ित परिवार सदमे में है और पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है।
पीड़ित युवक हिमांशु ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि घटना 30 सितंबर 2026 की है। दोपहर करीब 3 बजे वह अपने पिता बनवारी लाल का मोबाइल फोन इस्तेमाल कर रहा था। इसी दौरान अचानक फोन की स्क्रीन काली पड़ गई और डिवाइस ने पूरी तरह से काम करना बंद कर दिया। कुछ देर तक फोन बंद रहने के बाद वह अपने आप चालू हो गया।
मैसेज आते ही पता चला ठगी का खेल
जैसे ही फोन चालू हुआ, हिमांशु को बैंक से एक मैसेज प्राप्त हुआ, जिसमें खाते से 95 हजार रुपये कटने की जानकारी दी गई थी। यह रकम बनवारी लाल के इंडियन बैंक खाते से निकाली गई थी। मोबाइल के अचानक बंद होने और फिर चालू होने के दौरान ही साइबर जालसाजों ने इस पूरी वारदात को अंजाम दिया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि फोन को रिमोट एक्सेस के जरिए हैक किया गया था।
घटना की जानकारी मिलते ही हिमांशु ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद उसे बैंक से संबंधित सभी दस्तावेज और साक्ष्य लेकर पुलिस थाने पहुंचने के निर्देश दिए गए। युवक ने थाने पहुंचकर पुलिस को पूरी घटना की लिखित जानकारी दी और अपनी जमा पूंजी वापस दिलाने की गुहार लगाई।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
हालांकि शिकायत 30 सितंबर को ही कर दी गई थी, लेकिन साइबर क्राइम थाना रेवाड़ी पुलिस ने जांच प्रक्रिया पूरी करने के बाद करीब एक महीने के अंतराल पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
वर्तमान में पुलिस की टीम बैंक ट्रांजेक्शन की ट्रेल खंगालने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जिस खाते में पैसे ट्रांसफर किए गए हैं, उसकी जानकारी जुटाई जा रही है ताकि आरोपी तक पहुंचा जा सके। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और अपने मोबाइल की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहें।
साइबर सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
इस घटना ने एक बार फिर साइबर सुरक्षा के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जालसाज अब रिमोट एक्सेस ऐप्स या मैलवेयर के जरिए सीधे फोन को कंट्रोल कर रहे हैं। ऐसे में किसी भी संदिग्ध गतिविधि के तुरंत बाद अपने बैंक खाते को फ्रीज करवाना और साइबर सेल को सूचित करना ही एकमात्र बचाव है।
पीड़ित परिवार अब पुलिस से जल्द से जल्द आरोपी की गिरफ्तारी और अपनी रकम की वापसी की उम्मीद कर रहा है। रेवाड़ी पुलिस ने आश्वासन दिया है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही इस मामले का खुलासा किया जाएगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!