यमुनानगर में गैस पाइपलाइन में जोरदार धमाका: आग की चपेट में आने से 6 लोग झुलसे, सीसीटीवी में कैद हुई खौफनाक घटना
यमुनानगर शहर के चिट्टा मंदिर चौक पर गैस पाइपलाइन में हुए धमाके और आग लगने की घटना का 42 सेकेंड का सीसीटीवी वीडियो सामने आया है। इसी दौरान लॉन्ड्री की दुकान चलाने वाली 64 वर्षीय सुनीता देवी आग की चपेट में आकर झुलस जाती हैं।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

चिट्टा मंदिर चौक पर हुआ बड़ा हादसा
हरियाणा के यमुनानगर स्थित चिट्टा मंदिर चौक पर गैस पाइपलाइन में हुए एक भीषण धमाके ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। इस घटना का 42 सेकेंड का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें आग की लपटों के बीच लोगों को अपनी जान बचाने के लिए भागते हुए देखा जा सकता है। धमाका इतना जोरदार था कि आसपास की दुकानों के शीशे तक टूट गए और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।
घटना के समय मौके पर 20 से अधिक लोग मौजूद थे। आग की लपटें इतनी तेजी से फैलीं कि वहां खड़े लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। इस हादसे में 64 वर्षीय सुनीता देवी गंभीर रूप से झुलस गईं। फुटेज में उन्हें जमीन पर घिसटकर आग से दूर जाने का प्रयास करते हुए देखा जा सकता है, जो उनकी जान बचाने की जद्दोजहद को दर्शाता है। उन्हें गंभीर हालत में पीजीआई रेफर किया गया है।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप
स्थानीय निवासियों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इलाके में वरुण टेलीकॉम कंपनी द्वारा बीपीसीएल पीएनजी गैस पाइपलाइन बिछाने का कार्य किया जा रहा था। शिकायतकर्ता कंवलजीत कौर ने बताया कि 21 अक्टूबर की शाम जब मजदूर पाइपलाइन के पास खुदाई कर रहे थे, तब वहां न तो कोई इंजीनियर मौजूद था और न ही सुरक्षा के कोई इंतजाम किए गए थे। सबसे गंभीर बात यह है कि पाइपलाइन में गैस की आपूर्ति बंद किए बिना ही काम किया जा रहा था।
गैस रिसाव के कारण अचानक आग भड़क उठी, जिसकी चपेट में आकर सुनीता देवी के अलावा रवि, अंकित, राकेश, अरमान और वंश भी झुलस गए। आग ने आसपास की दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया, जिससे इन्वर्टर, सिलाई मशीनें, मोबाइल फोन और अन्य कीमती सामान जलकर राख हो गए। दुकानों के बाहर खड़ी साइकिल और एक्टिवा भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। बिजली विभाग को भी तुरंत प्रभाव से इलाके की बिजली आपूर्ति बंद करने के निर्देश दिए गए। पाइपलाइन पर काम कर रहे मजदूरों ने भी स्वीकार किया कि काम के दौरान गैस लीकेज हुई, जिसके बाद पाइप फटने से यह हादसा हुआ।
पुलिस ने इस मामले में वरुण टेलीकॉम कंपनी के मालिक अंकित सिंघानिया के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। थाना प्रभारी मनोज ने बताया कि लापरवाही के इस मामले की गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन क्यों नहीं किया गया और धमाके के पीछे की तकनीकी खामियां क्या थीं।
फिलहाल, प्रशासन द्वारा हादसे में हुए कुल नुकसान का आकलन किया जा रहा है। घायलों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। इस घटना ने शहर में चल रहे निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन सख्त कदम उठाने की तैयारी में है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!