शहडोल में 30 जंगली हाथियों का तांडव: धान की फसलें बर्बाद, ग्रामीणों के घर तोड़े
शाहडोल जिले में बांधवगढ़ के जंगलों से निकलकर करीब 30 जंगली हाथियों का एक नया झुंड 16 अक्टूबर की आ गया है। हाथियों ने शनिवार सुबह से शाम तक खेतों में खड़ी धान की फसल को बुरी तरह रौंद दिया है और ग्रामीणों की दो झोपड़ियां भी तोड़ डाली हैं।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

शहडोल जिले में बांधवगढ़ के जंगलों से भटककर आए करीब 30 जंगली हाथियों के एक बड़े झुंड ने स्थानीय निवासियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। 16 अक्टूबर को जिले की सीमा में दाखिल हुए इन हाथियों ने गोदावल वन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बेड़रा, कोठिया और घोरषा समेत कई गांवों में भारी तबाही मचाई है। झुंड में छोटे हाथियों के साथ-साथ बड़े हाथी भी शामिल हैं, जिससे ग्रामीणों में डर का माहौल व्याप्त है।
खेतों में खड़ी धान की फसलें की बर्बाद
हाथियों के इस झुंड ने शनिवार सुबह से लेकर शाम तक जमकर उत्पात मचाया। खेतों में लहलहा रही धान की तैयार फसल को हाथियों ने पैरों तले रौंदकर पूरी तरह नष्ट कर दिया है। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। फसल के साथ-साथ हाथियों ने रिहायशी इलाकों का रुख करते हुए ग्रामीणों की झोपड़ियों को भी निशाना बनाया है।
तेंदुआढ गांव के पहाड़ टोला में रहने वाले राहुल कोल और विनोद पटेल के घरों पर हाथियों ने धावा बोल दिया। इन झोपड़ियों को हाथियों ने तोड़ दिया, जिससे ग्रामीणों का काफी सामान भी क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि इस दौरान किसी जनहानि की सूचना नहीं मिली है, लेकिन ग्रामीणों में अपने घरों और जान-माल की सुरक्षा को लेकर भारी आक्रोश है।
ग्रामीणों का आरोप, वन विभाग की सुस्ती
घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद वन विभाग की टीम मौके पर काफी देरी से पहुंची। लोगों का कहना है कि यदि विभाग ने समय रहते कदम उठाए होते, तो शायद फसल और घरों का इतना नुकसान नहीं होता। इस देरी के कारण ग्रामीणों में विभाग के प्रति नाराजगी देखी जा रही है।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में देवलोंद इलाके में करंट लगने से एक हाथी की मौत का मामला सामने आया था, जिसके बाद से ही पूरे क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही को लेकर सतर्कता बरती जा रही थी। इसके बावजूद हाथियों का यह बड़ा झुंड रिहायशी इलाकों तक पहुंचने में कामयाब रहा, जो वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है।
प्रशासन की सतर्कता और सुरक्षा के निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएफओ तरुणा वर्मा ने बताया कि वन विभाग की कई टीमें मौके पर तैनात कर दी गई हैं। विभाग हाथियों के झुंड की हर गतिविधि पर बारीकी से नजर रख रहा है। ग्रामीणों को सुरक्षा के मद्देनजर सतर्क रहने की सलाह दी गई है। गांवों में मुनादी कराकर लोगों को यह निर्देश दिए गए हैं कि वे जंगलों की ओर न जाएं और हाथियों के झुंड के करीब जाने की कोशिश न करें।
फिलहाल, वन विभाग का पूरा ध्यान हाथियों को आबादी वाले इलाकों से दूर सुरक्षित जंगलों की ओर खदेड़ने पर है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे हाथियों को देखकर घबराएं नहीं और न ही उन्हें उकसाने का प्रयास करें। प्रशासन की टीमें लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!