भोपाल के जेपी अस्पताल में डॉक्टरों का प्रदर्शन: वेतन और स्टाइपेंड न मिलने पर भूख हड़ताल
महीने का स्टाइपेंड नहीं मिलाय दो डॉक्टरों को 3 महीने से वेतन भी नहीं मिला। जेपी अस्पताल के 3 डॉक्टर भूख हड़ताल पर।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

वेतन और स्टाइपेंड के भुगतान के लिए डॉक्टरों ने खोला मोर्चा
भोपाल के जयप्रकाश जिला चिकित्सालय (जेपी अस्पताल) में कार्यरत तीन डॉक्टरों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। इन डॉक्टरों का आरोप है कि उन्हें पिछले कई महीनों से न तो स्टाइपेंड मिल रहा है और न ही वेतन का भुगतान किया जा रहा है। आर्थिक तंगी और प्रशासनिक उपेक्षा से परेशान होकर डॉक्टरों ने यह कठोर कदम उठाने का निर्णय लिया है।
प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों में डीएनबी फैमिली मेडिसिन के तृतीय वर्ष के छात्र डॉ. शुभम कश्यप शामिल हैं, जिनका कहना है कि उन्हें पिछले पांच महीनों से स्टाइपेंड का भुगतान नहीं मिला है। इसके अलावा, सरकार द्वारा स्टाइपेंड में की गई बढ़ोतरी का एरियर भी उन्हें अब तक प्राप्त नहीं हुआ है। डॉक्टरों का कहना है कि जब उन्होंने इस संबंध में प्रशासन से स्पष्टीकरण मांगा, तो उन्हें कोई ठोस जवाब नहीं दिया गया, जिससे वे मानसिक और आर्थिक रूप से काफी परेशान हैं।
नियमों की अनदेखी और भेदभाव का आरोप
अस्पताल में चिकित्सा अधिकारी के पद पर कार्यरत डॉ. मनीष बरसरे ने बताया कि उनका पिछले तीन महीने का वेतन रोक दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वेतन रोकने की प्रक्रिया में विभागीय नियमों का पालन नहीं किया गया है। इसी तरह, पीजीएमओ (ऑर्थोपेडिक्स) डॉ. रविंद्र पाल ने भी अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अस्पताल में नियमों की लगातार अनदेखी की जा रही है और डॉक्टरों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है, जिससे कार्यस्थल का माहौल प्रभावित हो रहा है।
डॉक्टरों ने अपनी मांगों के समर्थन में 21 अक्टूबर से ही भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी दी थी। बुधवार को जब प्रशासन की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई, तो तीनों डॉक्टर अस्पताल परिसर में ही भूख हड़ताल पर बैठ गए। उनका कहना है कि जब तक उनकी बकाया राशि का भुगतान और समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता, तब तक वे अपना संघर्ष जारी रखेंगे।
जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन का मिला समर्थन
इस मामले में जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (जेडीए), मध्य प्रदेश ने भी हस्तक्षेप किया है। एसोसिएशन ने फैमिली मेडिसिन चिकित्सकों की मांगों को पूरी तरह जायज ठहराते हुए शासन और प्रशासनिक अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। जेडीए का कहना है कि डॉक्टरों को अपनी मेहनत के पैसे के लिए सड़क पर उतरना पड़े, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन डॉक्टरों की मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
वर्तमान में जेपी अस्पताल में इन डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने से स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। अस्पताल प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। मरीजों की सुविधा के लिए यह आवश्यक है कि प्रशासन जल्द से जल्द डॉक्टरों के साथ संवाद स्थापित करे और उनकी लंबित वेतन संबंधी समस्याओं का निराकरण करे।
यह मामला अब प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को इस स्थिति का संज्ञान लेते हुए यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में डॉक्टरों को इस तरह की आर्थिक समस्याओं का सामना न करना पड़े। डॉक्टरों की हड़ताल का असर अस्पताल की ओपीडी और अन्य सेवाओं पर भी पड़ सकता है, जिससे आम मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या प्रशासन इन डॉक्टरों की मांगों को स्वीकार करता है या फिर यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप धारण करेगा। फिलहाल, अस्पताल परिसर में तनाव की स्थिति बनी हुई है और सभी की निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!