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सिरसा: हाईटेंशन बिजली टावर पर चढ़े किसान नेता, मुआवजे की मांग को लेकर प्रशासन से ठनी

Sirsa farmer protest against low compensation for hightension lines. सिरसा में आज बुधवार को अचानक किसान नेता बिजली टावर के ऊपर चढ़ गया। साथ ही एक दिव्यांग युवक भी बिजली टावर पर चढ़ गया।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

8 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें 536
सिरसा: हाईटेंशन बिजली टावर पर चढ़े किसान नेता, मुआवजे की मांग को लेकर प्रशासन से ठनी
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वैदवाला गांव में तनावपूर्ण स्थिति

हरियाणा के सिरसा जिले में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया जब वैदवाला गांव में किसान नेता और एक दिव्यांग युवक ने हाईटेंशन बिजली लाइन के टावर पर चढ़कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। यह विरोध प्रदर्शन खेतों से गुजर रही हाईटेंशन लाइनों के बदले दिए जा रहे मुआवजे की राशि को लेकर किया जा रहा है। किसानों का आरोप है कि प्रशासन उन्हें अन्य जिलों की तुलना में काफी कम मुआवजा दे रहा है, जो उनके साथ सरासर अन्याय है।

टावर पर चढ़ने वाले किसान नेता की पहचान भूपेंद्र सिंह के रूप में हुई है, जो भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी ग्रुप) के सिरसा जिलाध्यक्ष हैं। उनके साथ एक दिव्यांग युवक के भी टावर पर चढ़ने से स्थानीय प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं। घटना की सूचना मिलते ही भारी संख्या में ग्रामीण और किसान मौके पर जुटने लगे हैं, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।

प्रशासन के साथ वार्ता विफल होने पर बढ़ा आक्रोश

मिली जानकारी के अनुसार, इस प्रदर्शन की पृष्ठभूमि मंगलवार को हुई एक बैठक से जुड़ी है। मुआवजे के मुद्दे पर किसान संगठनों और जिला प्रशासन के बीच एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई थी, लेकिन वह बेनतीजा रही। किसानों की मुख्य मांग है कि उन्हें सोनीपत और अन्य जिलों की तर्ज पर ही पूरा मुआवजा दिया जाए। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री द्वारा मुआवजे को लेकर की गई घोषणाओं के बावजूद उन्हें या तो भुगतान नहीं मिला है या फिर बहुत कम राशि दी गई है।

प्रदर्शनकारी किसानों का तर्क है कि उनके खेतों में बड़े-बड़े बिजली टावर लगाए गए हैं, जिससे खेती योग्य जमीन का बड़ा हिस्सा प्रभावित हो रहा है। इसके बदले में मिलने वाली राशि उनकी आर्थिक क्षति की भरपाई करने में पूरी तरह असमर्थ है। इसी नाराजगी के चलते किसान नेता ने टावर पर चढ़कर अपना विरोध दर्ज कराने का कठोर निर्णय लिया।

पुलिस और प्रशासन की चुनौती

मौके पर डीएसपी के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने बिजली निगम की टावर संबंधित तकनीकी टीम को मौके पर बुलाया है, ताकि टावर पर चढ़े लोगों को सुरक्षित नीचे उतारा जा सके। हालांकि, प्रदर्शनकारी किसान इस बात पर अड़े हैं कि वे किसी भी सूरत में तकनीकी टीम को टावर के पास नहीं आने देंगे। पुलिस अन्य किसानों को भी टावर पर चढ़ने से रोकने के लिए मशक्कत कर रही है।

भूपेंद्र सिंह, जो लंबे समय से किसान हितों के लिए सक्रिय रहे हैं, का टावर पर डटे रहना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। आसपास के क्षेत्रों से अन्य किसान नेताओं के भी मौके पर पहुंचने की सूचना है, जिससे भीड़ बढ़ती जा रही है। पुलिस फिलहाल संयम बरतते हुए बातचीत के जरिए मामले को सुलझाने का प्रयास कर रही है।

आगे क्या हो सकता है?

फिलहाल वैदवाला गांव में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। प्रशासन की ओर से अभी तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है, जिसके चलते किसान अपनी जिद पर कायम हैं। यदि प्रशासन और किसानों के बीच जल्द ही कोई सर्वसम्मत समाधान नहीं निकलता है, तो इस प्रदर्शन के और अधिक उग्र होने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोग अब सरकार के अगले कदम और मुआवजे की नई घोषणाओं पर नजरें टिकाए हुए हैं।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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