हरियाणा के संविदा कर्मचारियों के लिए सख्त निर्देश: 15 अगस्त तक पूरा करना होगा रिकॉर्ड सत्यापन
Haryana contractual employees rules 2025 verification deadline August 15. हरियाणा सरकार ने प्रदेश के कच्चे (संविदा) कर्मचारियों को लेकर लागू किए गए हरियाणा कॉन्ट्रैक्चुअल एम्प्लॉइज (सिक्योरिटी ऑफ सर्विस) रूल्स-2025 के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

हरियाणा सरकार ने राज्य में कार्यरत हजारों संविदा (कच्चे) कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से लागू किए गए 'हरियाणा कॉन्ट्रैक्चुअल एम्प्लॉइज (सिक्योरिटी ऑफ सर्विस) रूल्स-2025' के क्रियान्वयन में तेजी ला दी है। राज्य के मानव संसाधन विभाग (HRD) ने इस प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई है, जिसमें सभी विभागों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
15 अगस्त तक सत्यापन की अनिवार्य समय-सीमा
सरकार ने स्पष्ट किया है कि पात्र संविदा कर्मचारियों के सेवा रिकॉर्ड का सत्यापन 15 अगस्त 2026 तक अनिवार्य रूप से पूरा हो जाना चाहिए। इस डेडलाइन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी पात्र कर्मचारी को नियमों के तहत मिलने वाले लाभों से वंचित न रहना पड़े। मानव संसाधन विभाग द्वारा बुलाई गई इस समीक्षा बैठक में इस बात पर जोर दिया गया है कि सभी विभाग अपने स्तर पर डेटा अपडेट और पात्रता जांच का कार्य प्राथमिकता के आधार पर निपटाएं।
समीक्षा बैठक के दौरान विभिन्न विभागों से अब तक हुई प्रगति की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। जिन विभागों में रिकॉर्ड सत्यापन का कार्य अभी भी लंबित है, उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर इसे पूरा करें। सरकार का मानना है कि जब तक कर्मचारियों का डेटा पूरी तरह से प्रमाणित और अपडेट नहीं होगा, तब तक सेवा सुरक्षा के नियमों का लाभ पारदर्शी तरीके से प्रदान करना संभव नहीं होगा।
प्रशासनिक चुनौतियों का समाधान और प्रक्रिया की समीक्षा
बैठक में केवल प्रगति की समीक्षा ही नहीं, बल्कि उन तकनीकी और प्रशासनिक बाधाओं पर भी चर्चा की गई है, जिनका सामना विभाग सत्यापन प्रक्रिया के दौरान कर रहे हैं। कई विभागों में दस्तावेजों के मिलान और डेटा संकलन में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि किसी भी तकनीकी खामी के कारण किसी भी कर्मचारी की पात्रता पर कोई प्रश्न न उठे।
हरियाणा कॉन्ट्रैक्चुअल एम्प्लॉइज रूल्स-2025 का मुख्य उद्देश्य संविदा कर्मचारियों को एक समान और पारदर्शी सेवा सुरक्षा प्रदान करना है। इस नियम के तहत, कर्मचारियों की नियुक्ति संबंधी दस्तावेजों की गहन जांच की जाएगी। यह पहली बार है जब नियम लागू होने के बाद सरकार इतने बड़े स्तर पर इसकी व्यापक समीक्षा कर रही है, ताकि प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए।
आगे की राह और सरकारी प्राथमिकता
आगामी दिनों में सभी विभागों को अपनी प्रगति रिपोर्ट मानव संसाधन विभाग को सौंपनी होगी। इस रिपोर्ट के आधार पर ही यह तय किया जाएगा कि किन विभागों ने कार्य को गंभीरता से लिया है और कहां अभी और सुधार की आवश्यकता है। सरकार की ओर से यह स्पष्ट संकेत दिए गए हैं कि 15 अगस्त की डेडलाइन के बाद किसी भी स्तर पर देरी को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इस पूरी कवायद का सीधा लाभ उन हजारों कर्मचारियों को मिलेगा जो लंबे समय से अपनी सेवा सुरक्षा को लेकर आशंकित थे। सरकार की इस पहल से संविदा कर्मचारियों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आने की उम्मीद है। अब सभी विभागों की नजरें 15 अगस्त की उस समय-सीमा पर टिकी हैं, जिसके बाद पात्र कर्मचारियों की सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा और उन्हें नियमों के तहत मिलने वाले लाभों का मार्ग प्रशस्त होगा।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
