मेरठ कलेक्ट्रेट हंगामा: प्रदर्शन के दौरान उपद्रव करने वाले 5 लोगों पर FIR दर्ज
कलेक्ट्रेट के बाहर हंगामा मामले में 5 पर मुकदमा। रोहटा में बीए की छात्रा के बाकी हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बुधवार को प्रदर्शन के दौरान हंगामा करने के मामले में 5 लोगों पर पुलिस ने मुकदमा किया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मेरठ में प्रदर्शन के दौरान बवाल, पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा
मेरठ के रोहटा क्षेत्र में हुई बीए छात्रा की हत्या के मामले में न्याय की मांग को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया गया। इस दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर हंगामा शुरू कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को हटाने का प्रयास किया, लेकिन जब वे नहीं माने, तो पुलिस ने सख्त कदम उठाए। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि छात्रा की हत्या के मामले में सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इसी मांग को लेकर वे कलेक्ट्रेट के बाहर धरने पर बैठे थे। करीब तीन घंटे तक चले इस प्रदर्शन के कारण यातायात बाधित रहा। मौके पर पहुंचे एसएसपी अविनाश पांडे ने प्रदर्शनकारियों से सड़क खाली करने की अपील की, लेकिन जब लोग वहां से हटने को तैयार नहीं हुए, तो पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए लाठीचार्ज कर दिया।
पुलिस हिरासत और लाठीचार्ज के बाद बिगड़े हालात
लाठीचार्ज के बाद मौके पर भगदड़ मच गई। पुलिस ने इस दौरान एआईएमआईएम नेता रवि गौतम समेत पांच लोगों को हिरासत में ले लिया। आरोप है कि हिरासत में लेने के बाद पुलिस वाहन के भीतर भी सख्ती बरती गई। इस घटना के बाद हिरासत में लिए गए लोगों को सिविल लाइन थाने ले जाया गया, जहां उनसे पूछताछ की गई।
पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोगों में से कुछ का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। एआईएमआईएम नेता रवि गौतम के खिलाफ गाजियाबाद में हत्या के मुकदमे दर्ज होने की जानकारी मिली है। वहीं, भारतीय किसान यूनियन अंबेडकर के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय सिंह भाटी के खिलाफ भी विभिन्न थानों में नौ मामले दर्ज होने की बात सामने आई है। पुलिस अब अन्य हिरासत में लिए गए लोगों के रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।
एसएसपी का बयान: बाहरी तत्वों ने भड़काया माहौल
एसएसपी अविनाश पांडे ने स्पष्ट किया कि छात्रा की हत्या के मामले में पुलिस पहले ही कार्रवाई कर चुकी है और आरोपी पकड़े जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवार पुलिस की विवेचना से संतुष्ट था, लेकिन कुछ बाहरी तत्वों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन को उकसावे में बदलकर कलेक्ट्रेट के सामने जाम लगा दिया। एसएसपी ने कहा कि अमरोहा और नोएडा से आए लोगों ने जानबूझकर माहौल खराब करने का प्रयास किया।
पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को बार-बार चेतावनी दी गई थी कि वे कानून व्यवस्था न बिगाड़ें, लेकिन उन्होंने प्रशासन की एक न सुनी। पुलिस ने बल प्रयोग कर सड़क को खाली कराया और शांति व्यवस्था बहाल की। फिलहाल, पुलिस ने नामजद पांचों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और क्षेत्र में स्थिति सामान्य बनी हुई है।
इस घटना के बाद से प्रशासन सतर्क है और कलेक्ट्रेट परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। मामले की आगे की जांच जारी है और पुलिस साक्ष्यों के आधार पर अन्य पहलुओं को भी खंगाल रही है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!