देशभर में मानसून का कहर: बारिश और हादसों में कई लोगों की मौत, जनजीवन अस्त-व्यस्त
Madhya Pradesh (MP) heavy rains flood update. मध्य प्रदेश में बुधवार को 27 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। सबसे ज्यादा बारिश दमोह में 1.75 इंच हुई।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

देश के कई राज्यों में बारिश का तांडव
देशभर में सक्रिय मानसून के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मध्य प्रदेश से लेकर गुजरात और उत्तर प्रदेश तक मूसलाधार बारिश ने तबाही मचाई है। कई स्थानों पर मकान ढहने, बिजली गिरने और जलभराव की घटनाओं में लोगों की जान गई है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून अब देश के 97 प्रतिशत हिस्से को कवर कर चुका है, जिसके चलते आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
मध्य प्रदेश के 27 से अधिक जिलों में बुधवार को झमाझम बारिश हुई, जिसमें दमोह में सबसे अधिक 1.75 इंच दर्ज की गई। खरगोन जिले से एक दुखद घटना सामने आई है, जहां रूपारेल नदी के तेज बहाव में बह जाने से एक युवक की मौत हो गई। वहीं, राजस्थान के अलवर में भारी बारिश के कारण सड़कों ने नदी का रूप ले लिया है, जिससे जिला अस्पताल और सरकारी स्कूलों में पानी भर गया है।
हादसों और बिजली गिरने से मौतों का सिलसिला
उत्तर प्रदेश और बिहार में बिजली गिरने और जर्जर मकानों के ढहने से कई लोगों की जान गई है। बिहार के गोपालगंज में आकाशीय बिजली गिरने से एक किसान की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग झुलस गए। उत्तर प्रदेश के 71 शहरों में बारिश का असर दिखा, जहां आगरा में दो मंजिला दुकान ढहने और मथुरा में जर्जर मकान की दीवार गिरने से लोग हताहत हुए। प्रयागराज में खेत में काम कर रहे दो लोगों की करंट लगने से मौत हो गई।
गुजरात के सूरत में पिछले तीन दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। इन तीन दिनों में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 19 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं महाराष्ट्र के पुणे में कचरे का एक बड़ा ढेर तीन मंजिला इमारत पर गिर गया, जिससे इमारत ढह गई। इस हादसे में 16 लोग मलबे में दब गए थे, जिनमें से छह को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। इसके अलावा खंडाला में भूस्खलन के कारण एक सुरक्षा गार्ड की मौत हो गई।
दिल्ली और अन्य क्षेत्रों में स्थिति
दिल्ली के रोहिणी में भी एक निर्माणाधीन इमारत गिरने से एक व्यक्ति की जान चली गई। राजधानी के कई हिस्सों में भारी बारिश के बाद जलभराव की स्थिति बनी हुई है। मुंबई में भी बीएमसी ने खतरनाक पेड़ों को लेकर चेतावनी जारी की है, विशेषकर माटुंगा, वडाला और आरे कॉलोनी जैसे क्षेत्रों में, जहां पेड़ों के गिरने का खतरा अधिक बना हुआ है।
आने वाले 10 और 11 जुलाई के लिए मौसम विभाग ने कई राज्यों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। केरल, बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही झारखंड, आंध्र प्रदेश, असम और सिक्किम में भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। तटीय क्षेत्रों में समुद्र के पास रहने वाले लोगों के लिए भी चेतावनी जारी की गई है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
