मिर्जापुर: गलती से दूसरे खाते में गए 25 हजार रुपये साइबर सेल ने वापस कराए
Mirzapur cyber cell recovered 25k rupees mistakenly transferred via UPI. ड्रमण्डगंज थाना साइबर सेल ने यूपीआई के माध्यम से गलती से दूसरे खाते में स्थानांतरित हुए 25 हजार रुपये पीड़ित के खाते में वापस करा दिए। यह राशि करीब साढ़े सात माह बाद वापस मिली, जिसके लिए पीड़ित ने पुलिस और साइबर सेल टीम का आभार व्यक्त किया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मिर्जापुर जिले के ड्रमण्डगंज थाना क्षेत्र में साइबर सेल की तत्परता से एक पीड़ित को उसके खोए हुए पैसे वापस मिल गए हैं। यूपीआई के जरिए गलती से किसी अन्य व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर हुए 25 हजार रुपये करीब साढ़े सात महीने की लंबी कानूनी और तकनीकी प्रक्रिया के बाद वापस पीड़ित के खाते में सुरक्षित पहुंच गए हैं।
क्या था पूरा मामला
घटना की शुरुआत 20 नवंबर 2023 को हुई थी, जब देवरी दक्षिण निवासी अरुण कुमार चौरसिया ने डिजिटल लेनदेन के दौरान एक बड़ी चूक कर दी। यूपीआई से भुगतान करते समय तकनीकी त्रुटि या मानवीय भूल के कारण उनके खाते से 25 हजार रुपये किसी अनजान व्यक्ति के बैंक खाते में चले गए। पीड़ित ने काफी प्रयास किए लेकिन राशि वापस नहीं मिल सकी, जिसके बाद उन्होंने ड्रमण्डगंज साइबर सेल में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक के दिशा-निर्देशों और लालगंज क्षेत्राधिकारी की देखरेख में साइबर सेल की टीम ने जांच शुरू की। टीम ने सबसे पहले उस बैंक खाते की पहचान की जिसमें यह राशि जमा हुई थी और तकनीकी हस्तक्षेप करते हुए उस खाते में मौजूद धनराशि को होल्ड पर डाल दिया ताकि उसे निकाला न जा सके।
तकनीकी जांच और रिकवरी
साइबर सेल ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) की मदद ली। इस पोर्टल के माध्यम से मामले को ट्रैक किया गया और संबंधित बैंक के साथ समन्वय स्थापित किया गया। लंबी प्रक्रिया के बाद, टीम ने सफलतापूर्वक पूरी 25 हजार रुपये की राशि को वापस पीड़ित के खाते में स्थानांतरित करवा दिया। साढ़े सात महीने के इंतजार के बाद जब अरुण कुमार को उनके पैसे वापस मिले, तो उन्होंने राहत की सांस ली।
धनराशि वापस मिलने पर पीड़ित ने ड्रमण्डगंज थाने पहुंचकर पुलिस अधिकारियों और साइबर सेल की पूरी टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि समय पर की गई कार्रवाई के कारण ही उनकी मेहनत की कमाई सुरक्षित वापस आ सकी।
साइबर सेल की सलाह
इस सफलता के बाद साइबर सेल टीम ने आम जनता को डिजिटल लेनदेन के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है। टीम का कहना है कि ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करते समय हमेशा प्राप्तकर्ता का नाम और यूपीआई आईडी दोबारा जांच लेनी चाहिए। किसी भी प्रकार की गलती होने पर घबराने के बजाय तुरंत कदम उठाना जरूरी है।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि यदि किसी के साथ साइबर ठगी होती है या गलती से गलत खाते में पैसे चले जाते हैं, तो पीड़ित को तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करना चाहिए। इसके अलावा, एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने से धनराशि को समय रहते फ्रीज करने में मदद मिलती है। इस पूरी कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार और आरक्षी अमित कुमार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
