शाजापुर जिला अस्पताल में ड्रेसिंग के नाम पर वसूली का वीडियो वायरल, प्रबंधन ने दिए जांच के आदेश
Shajapur hospital controversy over charging for dressing. मंगलवार सुबह घटना का एक वीडियो सामने आया है। जिसके बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

शाजापुर जिला अस्पताल में इलाज के नाम पर अवैध वसूली
मध्य प्रदेश के शाजापुर जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठाने वाली एक घटना सामने आई है। यहां एक घायल बच्चे की ड्रेसिंग करने के बदले अस्पताल के कर्मचारी द्वारा कथित तौर पर पैसे मांगने का मामला प्रकाश में आया है। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना बीते रविवार की है। गुलाना क्षेत्र का रहने वाला एक परिवार अपने घायल बच्चे को इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचा था। बच्चे के माथे पर गंभीर चोट लगी थी, जिसके चलते उसे मातृ एवं शिशु वार्ड में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि जब वे बच्चे की ड्रेसिंग कराने पहुंचे, तो वहां मौजूद कर्मचारी ने इसके लिए उनसे पैसों की मांग की।
परिजनों का आरोप: चाय के बहाने लिए गए पैसे
पीड़ित परिजनों ने बताया कि ड्रेसिंग करने के लिए कर्मचारी ने उनसे जबरन पैसे मांगे। परिजनों के अनुसार, उन्होंने कर्मचारी को 20 रुपये दिए, जिसके बाद ही बच्चे की ड्रेसिंग की प्रक्रिया पूरी की गई। सरकारी अस्पताल में जहां सभी स्वास्थ्य सेवाएं और ड्रेसिंग जैसी सुविधाएं पूरी तरह से निशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं, वहां इस तरह की वसूली ने व्यवस्था की पोल खोल दी है।
वीडियो सामने आने के बाद यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि पैसे मांगने वाला व्यक्ति अस्पताल का नियमित कर्मचारी था या किसी अन्य माध्यम से वहां कार्यरत था। अस्पताल में निशुल्क उपचार के बावजूद पैसे लेने के इस कृत्य ने मरीजों के बीच भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। लोग अब अस्पताल की सुरक्षा और वहां तैनात कर्मचारियों की गतिविधियों पर सवाल उठा रहे हैं।
आरएमओ ने दिए जांच के निर्देश
मामले के तूल पकड़ने के बाद जिला अस्पताल के आरएमओ डॉ. गोविंद पाटीदार ने इस पर संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो उनके पास पहुंचा है और उसकी बारीकी से जांच की जा रही है। डॉ. पाटीदार ने स्वीकार किया कि वीडियो में यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि पैसे मांगने वाला कर्मचारी कौन है, लेकिन अस्पताल प्रबंधन इस दिशा में काम कर रहा है।
आरएमओ ने आश्वासन दिया है कि वीडियो में दिख रहे फरियादी की पहचान कर उससे पूछताछ की जाएगी। यदि जांच में किसी भी कर्मचारी की संलिप्तता पाई जाती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल में किसी भी प्रकार की अवैध वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता पर उठे सवाल
शाजापुर जिला अस्पताल में हुई इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में व्याप्त भ्रष्टाचार और अव्यवस्थाओं को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि गरीब मरीजों से इस तरह छोटी-छोटी चीजों के लिए पैसे मांगे जाएंगे, तो वे इलाज के लिए कहां जाएंगे। अब सभी की निगाहें अस्पताल प्रबंधन द्वारा की जाने वाली जांच और उस पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
