ब्रेकिंग
उदयपुर: पुलिस हिरासत से चकमा देकर भागे दो नाबालिग चोर, पहाड़ियों में तलाश जारीभोपाल के कटारा हिल्स में तेंदुए की दस्तक: रिहायशी इलाकों में दहशत, पार्क में आवाजाही पर लगी रोकग्वालियर में हनीट्रैप का खौफ: ब्लैकमेलिंग से तंग आकर युवक ने की आत्महत्या, दंपति पर केस दर्जलखनऊ: लारी कार्डियोलॉजी सेंटर में हर साल 8500 से ज्यादा हार्ट अटैक मरीजों को मिल रहा नया जीवनसुपौल: अवैध लेनदेन के विवाद में युवक का अपहरण, पुलिस ने 12 घंटे के भीतर सकुशल कराया बरामदकरौली की बेटी प्रिया गुप्ता का कमाल: पहले ही प्रयास में NEET-PG में लहराया सफलता का परचमधौलपुर: पिकअप हादसे में 4 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, पोखर किनारे से हटाए गए अवैध निर्माणझांसी के कारोबारी का रहस्यमय परिस्थितियों में निधन, मध्य प्रदेश की नदी में मिला शव
उदयपुर: पुलिस हिरासत से चकमा देकर भागे दो नाबालिग चोर, पहाड़ियों में तलाश जारीभोपाल के कटारा हिल्स में तेंदुए की दस्तक: रिहायशी इलाकों में दहशत, पार्क में आवाजाही पर लगी रोकग्वालियर में हनीट्रैप का खौफ: ब्लैकमेलिंग से तंग आकर युवक ने की आत्महत्या, दंपति पर केस दर्जलखनऊ: लारी कार्डियोलॉजी सेंटर में हर साल 8500 से ज्यादा हार्ट अटैक मरीजों को मिल रहा नया जीवनसुपौल: अवैध लेनदेन के विवाद में युवक का अपहरण, पुलिस ने 12 घंटे के भीतर सकुशल कराया बरामदकरौली की बेटी प्रिया गुप्ता का कमाल: पहले ही प्रयास में NEET-PG में लहराया सफलता का परचमधौलपुर: पिकअप हादसे में 4 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, पोखर किनारे से हटाए गए अवैध निर्माणझांसी के कारोबारी का रहस्यमय परिस्थितियों में निधन, मध्य प्रदेश की नदी में मिला शव

दिल्ली दवा घोटाला: आम आदमी पार्टी का मौन प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग

नई दिल्ली।भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार के 650 करोड़ रुपए के दवा घोटाले को लेकर सोमवार को आम आदमी पार्टी ने एलएनजेपी अस्पताल के बाहर मौन प्रदर्शन किया। आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने लंबी मानव शृंखला बनाई और सबके हाथ में सीएम रेखा गुप्ता और पूर्व डीजीएचएस डॉ. वत्सला अग्रवाल का फोटो लगे प्लेकार्ड थे।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

7 जुलाई 20262 मिनट पढ़ें
दिल्ली दवा घोटाला: आम आदमी पार्टी का मौन प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग
मूल स्रोत

एलएनजेपी अस्पताल के बाहर आप का मौन प्रदर्शन

दिल्ली में 650 करोड़ रुपये के कथित दवा घोटाले को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) ने सोमवार को एलएनजेपी अस्पताल के बाहर मौन प्रदर्शन किया। पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने लंबी मानव शृंखला बनाई और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता तथा पूर्व डीजीएचएस डॉ. वत्सला अग्रवाल की तस्वीरों वाले प्लेकार्ड लेकर विरोध दर्ज कराया।

प्रदर्शन के दौरान आप नेताओं ने इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की। सौरभ भारद्वाज ने सवाल उठाया कि डॉ. वत्सला अग्रवाल को नियमों को ताक पर रखकर और वरिष्ठ अधिकारियों की अनदेखी कर डीजीएचएस के पद पर क्यों नियुक्त किया गया था, जबकि उनके खिलाफ विजिलेंस जांच पहले से चल रही थी।

खरीद प्रक्रिया में बदलाव और मास्टरमाइंड का विदेश जाना

सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि सरकार ने खरीद प्रक्रिया के नियम बदले और सभी अस्पतालों से खरीदारी की शक्तियां छीनकर उन्हें डीजीएचएस के अधीन कर दिया। उन्होंने दावा किया कि यह पूरा षड्यंत्र एक सोची-समझी रणनीति के तहत रचा गया था ताकि 650 करोड़ रुपये का घोटाला किया जा सके।

आप नेताओं ने मुख्य आरोपी राजीव रंगीला के जर्मनी भागने पर भी गंभीर सवाल उठाए। भारद्वाज ने कहा कि एसीबी की एफआईआर में नाम होने के बावजूद उसे गिरफ्तार नहीं किया गया और उसे देश से बाहर जाने दिया गया। पार्टी की मांग है कि रंगीला को वापस लाया जाए ताकि घोटाले में शामिल राजनेताओं के नाम उजागर हो सकें।

दवाओं की खरीद में भारी अनियमितताओं का आरोप

बुराड़ी के विधायक संजीव झा ने कहा कि एसीबी ने खुद माना है कि 400 करोड़ रुपये की दवाइयां 100 करोड़ में खरीदी जानी चाहिए थीं, यानी 300 करोड़ रुपये का गबन किया गया। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 2.5 लाख रुपये की मशीन 17 लाख रुपये में खरीदी गई, जो सीधे तौर पर भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती है।

कोंडली के विधायक कुलदीप कुमार ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ढाई रुपये का ओआरएस पैकेट 15 रुपये में खरीदा गया और चादरों की खरीद में भी भारी अंतर पाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने गरीबों के हिस्से की दवाइयों और स्वास्थ्य सुविधाओं के बजट को लूटा है।

जांच को प्रभावित करने का अंदेशा

पूर्व विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी ने कहा कि जब तक मुख्यमंत्री पद पर बनी रहेंगी, तब तक निष्पक्ष जांच संभव नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि छोटे स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई करके बड़े राजनेताओं को बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की गहराई से जांच हो और दोषी पाए जाने वाले लोगों को तुरंत जेल भेजा जाए।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि दिल्ली के अस्पतालों में दवाओं की कमी और टेस्ट बंद होने के पीछे यही 650 करोड़ रुपये का घोटाला जिम्मेदार है। आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी है कि जब तक दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।

SponsoredMushfan Digital Studios - We Build Brands. We Grow Businesses.

टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

संबंधित खबरें